सुल्तानपुर। पॉक्सो एक्ट के मामले में लचर विवेचना करने के आरोपी कुड़वार थाने के दरोगा ने बुधवार को स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट पवन कुमार शर्मा की कोर्ट में सरेंडर कर दिया। कोर्ट ने विवेचक दरोगा की जमानत अर्जी मंजूर कर रिहा करने का आदेश देकर आरोपी को राहत प्रदान की। पूरा मामला कुड़वार थाने से जुड़ा है।
कुड़वार थाना क्षेत्र के एक गांव की किशोरी का गांव के ही आरोपी रामकुमार ने अन्य आरोपियों के साथ मिलकर अपहरण कर लिया था। मामले में पुलिस ने आरोपी रामकुमार समेत तीन आरोपियों के खिलाफ अपहरण व पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया था। आरोप है कि इसकी विवेचना कर रहे कुड़वार थाने के दरोगा चुन्नूलाल ने किशोरी को बिना न्यायालय के आदेश के ही आरोपी के पिता के सुपुर्द कर दिया था। कोर्ट ने दरोगा को तलब कर जवाब मांगा था। दरोगा ने कोर्ट में दिए गए जवाब में कहा था कि अपहृत किशोरी मेडिकल में बालिग है और उसने स्वयं अपने माता-पिता के घर जाने के बजाय आरोपी के पिता के घर जाने की बात कही है। स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट पवन कुमार शर्मा ने पिछले दिनों विवेचक दरोगा के जवाब को खारिज करते हुए उसके खिलाफ कोर्ट में उत्तर प्रदेश पुलिस एक्ट के तहत मुकदमा (फौजदारी प्रकीर्ण वाद) दर्ज करा दिया है।
कोर्ट ने विवेचक दरोगा के खिलाफ समन जारी करते हुए अगली सुनवाई के लिए 25 मई की तिथि तय की थी। इस मामले में बुधवार को विवेचक दरोगा चुन्नूलाल ने अधिवक्ता संतोष पांडेय के जरिए कोर्ट में सरेंडर कर जमानत अर्जी दी। स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट पवन कुमार शर्मा ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद विवेचक दरोगा की जमानत अर्जी मंजूर कर रिहा करने का आदेश दिया है।