अंबेडकरनगर। मौसम में बदलाव के साथ बुखार और अन्य मौसमी बीमारियों के मरीजों की संख्या बढ़ने से जिला अस्पताल की ओपीडी पर दबाव बढ़ गया है। लगातार दूसरे दिन मंगलवार को अस्पताल में मरीजों की इतनी भीड़ उमड़ी कि ओपीडी में पैर रखने तक की जगह नहीं बची।
पंजीकरण काउंटर से लेकर चिकित्सकों के कक्ष तक मरीज और तीमारदार अपनी बारी का इंतजार करते नजर आए। भीड़ के चलते कई मरीजों को चिकित्सक को दिखाने के लिए करीब दो घंटे तक इंतजार करना पड़ा। दिनभर में कुल 1853 मरीजों ने पंजीकरण कराया। फिजीशियन ओपीडी में सबसे अधिक भीड़ रही। तीन फिजीशियन ने मिलकर करीब 500 मरीजों को देखा। इनमें बुखार, बदन दर्द, कमजोरी और मौसम से जुड़ी अन्य शिकायतों वाले मरीजों की संख्या अधिक रही। त्वचा रोग विभाग में 124 मरीज पहुंचे, जबकि अस्थि रोग ओपीडी में 317 मरीजों का उपचार किया गया। यहां 16 मरीजों का प्लास्टर भी किया गया। ऑर्थो ओपीडी में डॉ. पुरेंद्र ने मरीजों को देखा। ईएनटी ओपीडी में 251 मरीज पहुंचे, जिनमें से पांच को आईपीडी में भर्ती किया गया। ईएनटी विभाग में डॉ. आरएम वर्मा ने मरीजों का उपचार किया।
दो घंटे इंतजार करना पड़ा
किरन, हजपुरा, सम्मनपुर: सिर दर्द के साथ बुखार से परेशान होने पर जांच और उपचार के लिए जिला अस्पताल पहुंचीं। उन्होंने बताया कि मरीजों की भीड़ के कारण अपनी बारी के लिए करीब दो घंटे इंतजार करना पड़ा। चमेला देवी, रामनगर, आलापुर: सुबह करीब साढ़े नौ बजे बुखार की शिकायत लेकर जिला अस्पताल पहुंचीं। डॉक्टर डीपी वर्मा को दिखाने के लिए ओपीडी में लाइन में लगीं, लेकिन भीड़ अधिक होने के कारण अस्पताल में करीब तीन घंटे लग गए।
मौसम के बदलाव का दिख रहा असर
मौसम में बदलाव के कारण बुखार समेत मौसमी बीमारियों के मरीजों की संख्या बढ़ी है। जिला अस्पताल आने वाले सभी मरीजों को चिकित्सकों की ओर से आवश्यक जांच और उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है। ओपीडी में भीड़ को देखते हुए चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों को मरीजों की सुविधा के लिए व्यवस्था सुचारु रखने के निर्देश दिए गए हैं।
- डॉ. पीएन यादव, सीएमएस
जिला अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में ऑर्थो ओपीडी में लगी मरीजों की भीड़।
जिला अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में ऑर्थो ओपीडी में लगी मरीजों की भीड़।