विद्युत उपकेंद्र रामनगर में पानी भर जाने के कारण पिछले तीन दिनोंं तक 90 गांव की एक लाख आबादी की बिजली आपूर्ति ठप रही। इससे ग्रामीणोंं को दुश्वारियोंं का सामना करना पड़ा। बिजली से चलने वाले कुटीर उद्योग व धंधे पूरी तरह से ठप पड़ गए।
उपकेंद्र में लगे बसखारी, अरमा, मकोईया व जलालपुर बिड़हर समेत छह फीडरों से इंदईपुर, सहहिजना हमजापुर, आरोपुर, भीटी, बहरामपुर, हथिनापुर, औरांव, रामनगर महुवल, मसेना, विमावल, असरफाबाद, चहोड़ा साहपुर समेत 90 गांव की बिजली आपूर्ति होती है। शुक्रवार देर शाम बिजली घर मेंं पानी भरने के चलते बिजली ठप हो गई।
तीन दिन बाद भी बिजली घर मेंं पानी भरा होने के नाते आपूर्ति बहाल नहीं हो पाई। इससे लगभग एक लाख आबादी को परेशानियोंं से जूझना पड़ा। 72 घंटे से आपूर्ति बाधित होने से लोगोंं क्षेत्र के कुटीर उद्योग धंधोंं के साथ ही बिजली से चलने वाले काम ठप हो गए। शहरी क्षेत्र के लोगों के सामने पानी का संकट गहरा गया है। लोग हैंडपंप से पानी भरकर अपने जरूरी काम काम निपटाने को मजबूर हैं।
पावरलूम व कुटीर उद्योग ठप
बीते तीन दिनों से बिजली नहीं आने से हथिनाराज गांव में पावरलूम का संचालन ठप हो गया है। इन पर काम करने वाले दैनिक मजदूरोंं की मुश्किलें बढ़ गई। हर दिन कमाकर खाने वाले इन मजदूरों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया। गांव मेंं चक्की का संचालन बंद होने से गेहूं की गठरी की संख्या बढ़ गई। लोग बिजली के आने की आस में बैठे रहे।
टूटा एक दूसरे से संपर्क
बिजली न आने से लोगों के मोबाइल चार्ज नहीं हो पा रहे। इससे उनके मोबाइल बंद हो गए और लोगों का एक दूसरे से संपर्क टूट गया। कई जगहों पर जनरेटर चलाकर मोबाइल चार्ज करते देखे गए। बहरामपुर गांव के दिनेश कुमार ने आक्रोश जताते हुए कहा कि विभाग के अधिकारियों को चाहिए था कि बिजली घर पर भरे पानी को निकलने के लिए कई पंप लगा देते।
-उपकेंद्र से पानी निकाल दिया गया है और सभी फीडर पर बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई है। -एके यादव, अधिशासी अभियंता, आलापुर