अंबेडकरनगर। जिले में रविवार को गर्मी का प्रकोप अपने चरम पर रहा। सुबह से ही तेज धूप और पछुआ हवाओं ने गर्मी बढ़ा दी और दिन में लोगों को झुलसा दिया। दिन चढ़ने के साथ ही लू जैसी स्थिति बनने लगी। दोपहर में चिलचिलाती धूप और उमस ने आम जनजीवन को प्रभावित कर दिया। शहर के प्रमुख बाजारों, चौराहों और सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा, लोग घरों में कैद रहने को मजबूर हो गए। अधिकतम तापमान 40 डिग्री और न्यूनतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
सुबह आठ बजे ही सूर्य की तपिश ने तेज होती गर्मी का एहसास दिला दिया था। जैसे-जैसे समय बीतता गया, वैसे-वैसे तापमान भी तेजी से बढ़ने लगा। शहरी क्षेत्रों में भीषण गर्मी झुलसाने लगी, यहां पक्की सड़कों और कंक्रीट के भवनों की वजह से वातावरण और भी ज्यादा तप रहा था।
जिले के अकबरपुर, टांडा, आलापुर और जलालपुर जैसे कस्बों के प्रमुख चौराहों व बाजारों में आम दिनों के मुकाबले न के बराबर भीड़ रही। अकबरपुर के पटेल नगर, स्टेशन रोड, शहजादपुर, टांडा के चौक बाजार, बस स्टेशन रोड पर दिन के समय ग्राहक न के बराबर नजर आए। गर्मी और धूप की मार ने दुकानदारों की बिक्री पर भी असर डाला।
बस अड्डा, तहसील परिसर, पार्क आदि सार्वजनिक स्थानों पर भी गर्मी की वजह से आमजनों की मौजूदगी काफी कम रही। दोपहर के वक्त मुख्य मार्गों पर इक्का-दुक्का वाहन ही नजर आए। लोग गर्मी से बचने के लिए घरों के भीतर ही रहना ज्यादा सुरक्षित समझ रहे हैं।
तेज धूप और पछुआ हवाओं का प्रभाव खेतों और नर्सरी पर भी दिखाई दे रहा है। कृषि विज्ञान केंद्र पहिती के वैज्ञानिक व अध्यक्ष डॉ. रामजीत ने बताया कि यदि इसी तरह का मौसम कुछ दिन और बना रहा और मानसून समय पर नहीं आया तो धान की नर्सरी पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। इससे पौधों में झुलसन, कीट प्रकोप और विभिन्न बीमारियों की आशंका बढ़ जाएगी। वहीं, तेज गर्मी और उमस के कारण लोग डिहाइड्रेशन, लू और चक्कर जैसी समस्याओं से परेशान नजर आए।
जिला अस्पताल और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में लू से पीड़ित मरीजों की संख्या में इजाफा दर्ज किया गया। चिकित्सकों ने लोगों को दोपहर में बाहर न निकलने की सलाह दी है, साथ ही पानी और नींबू-पानी जैसे पेय पदार्थों का अधिक सेवन करने को कहा है।