बसखारी। भाजपा की जिला उपाध्यक्ष से हुए विवाद को लेकर नगर पंचायत अशरफपुर किछौछा के कर्मचारी केस दर्ज होने की मांग पर अड़ गए हैं। हालांकि, उन्हें जनता की फिक्र नहीं लगती। इसी वजह से उन्होंने बुधवार पूरी रात स्ट्रीट लाइट का संचालन नहीं किया, जिससे किछौछा क्षेत्र में अंधेरा छाया रहा। शुक्रवार को सफाई कार्य भी नहीं हुआ। नगर पंचायत कार्यालय में भी कोई कामकाज नहीं हुआ। उधर, पुलिस के अनुसार, दोनों पक्षों ने समझौता कर लिया है। अधिशाषी अधिकारी बाहर हैं। उनके लौटते ही हड़ताल समाप्त हो जाएगी।
बुधवार को नगर पंचायत कार्यालय पहुंची भाजपा जिला उपाध्यक्ष व महिला मोर्चा की पूर्व जिलाध्यक्ष रफत एजाज का कर्मचारियों से विवाद हो गया था। रफत के अनुसार, अवैध निर्माण से जुड़े एक मामले में नगर पंचायत प्रशासन आरोपी सभासद को बचाने का प्रयास कर रहा है। इसी मामले में उन्हें लगातार टरकाया जा रहा था। गुरुवार को कार्यालय पहुंचने के बाद उनके पास अभद्रता की गई और बंधक बना लिया गया।
उधर, संविदा कर्मचारी मोहम्मद आसिफ अंसारी का आरोप है कि रफत ने उनके साथ मारपीट की थी। पुलिस ने पहुंचकर माहौल शांत कराया। गुरुवार को ही दोनों पक्षों ने केस दर्ज करने के लिए थाने में तहरीर दी थी। शाम होते होते पंचायत कर्मचारियों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी। कर्मचारियों की हड़ताल का नतीजा यह रहा कि बुधवार को पूरी रात स्ट्रीट लाइट का संचालन नही हो सका। इससे नगर पंचायत के सभी मोहल्लों में पूरी रात अंधेरा छाया रहा। कर्मचारियों ने गुरुवार सुबह से सफाई कार्य नहीं किया।
एक भी सफाईकर्मी ड्यूटी पर नहीं पहुंचा। इससे विभिन्न मोहल्लों में गंदगी पसरी रही। नगर पंचायत कार्यालय में भी विरोध स्वरूप कोई कार्य नही हुआ। इक्का दुक्का कर्मचारी पहुंचे तो जरूर, लेकिन कोई कामकाज नही किया। कर्मचारियों का कहना है कि जब तक अधिशाषी अधिकारी द्वारा दी गई तहरीर पर केस दर्ज नहीं होता है, तब तक वे सब हड़ताल जारी रखेंगे। उधर, थाना प्रभारी बसखारी श्रीनिवास पाण्डेय ने बताया कि बुधवार देरशाम ही दोनों पक्षों ने समझौता कर लिया है। अधिशाषी अधिकारी राजमणि वर्मा बाहर हैं। उनके वापस लौटते ही कर्मचारियों की हड़ताल समाप्त हो जाएगी।