अंबेडकरनगर कलेक्ट्रेट के निकट अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करते राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग मोर्चा व
- फोटो : AMBEDKAR NAGAR
अंबेडकरनगर। बैलेट पेपर से चुनाव करानेे, निजीकरण प्रक्रिया पर रोक लगाए जाने समेत विभिन्न मांगों को लेकर बहुजन मुक्ति पार्टी व राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग मोर्चा ने संयुक्त रूप से मंगलवार को कलेक्ट्रेट के निकट धरना दिया। इस दौरान कहा गया कि देश की जनता का ईवीएम से भरोसा उठ चुका है। ऐसे में जनता की मांग को देखते हुए बैलेट पेपर से चुनाव कराया जाए। निजीकरण होने से एससी, एसटी व पिछड़ों का आरक्षण समाप्त हो रहा है। ऐसे में निजीकरण पर तत्काल रोक लगाई जाए। चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ही उनकी मांगों का निस्तारण नहीं हुआ तो 18 अप्रैल को प्रत्येक तहसील मुख्यालय पर रैली निकाली जाएगी। इसके बाद भी मांगें न पूरी हुईं तो 25 मई को भारत बंद कर प्रदर्शन किया जाएगा। बाद में राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन एसडीएम सदर को सौंपा।
अध्यक्षता करते हुए बहुजन मुक्ति पार्टी के जिला उपाध्यक्ष जयप्रकाश गुड्डू ने कहा कि बीते कुछ वर्षों से लगातार ईवीएम पर लोगों का भरोसा कम होता जा रहा है। बीते दिनों हुए विधानसभा चुनाव में तो पूरी तरह से देश की जनता का ईवीएम से विश्वास उठ चुका है। ऐसे में देश की जनता की मांग को देखते हुए ईवीएम की बजाय बैलेट पेपर से चुनाव कराया जाए। कहा कि जिस देश में ईवीएम का निर्माण हुआ, उस देश में ही ईवीएम से चुनाव पर रोक लगा दी गई है। सभी यूरोपीय देशों में ईवीएम की बजाय बैलेट पेपर से चुनाव कराया जाता है। ऐसे में भारत में आखिर क्या मजबूरी है कि बैलेट पेपर से चुनाव न कराकर ईवीएम से कराया जा रहा है।
जितेंद्र राजभर, आत्माराम यादव, लालजी गौतम, विकास सक्सेना, जावेद अहमद, साजन राजभर, मानतिलक नागवंशी, सुभाष मौर्य, राजाराम प्रजापति आदि ने कहा कि एक-एक कर सरकारी विभागों का निजीकरण किया जा रहा है। इससे एक तरफ जहां युवाओं को नौकरी नहीं मिल पा रही, तो वहीं इसमें नौकरी करने वालों का भविष्य भी अंधकारमय हो रहा है। निजीकरण से एससी, एसटी व पिछड़ा वर्ग का आरक्षण भी समाप्त हो रहा है। ऐसे में निजीकरण प्रक्रिया पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई जाए। चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ही उनकी मांगों का निस्तारण नहीं हुआ तो 18 अप्रैल को प्रत्येक तहसील मुख्यालय पर रैली निकाली जाएगी। इसके बाद भी मांगें नहीं पूरी हुईं तो 25 मई को भारत बंद कर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। बाद में राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन एसडीएम सदर को सौंपा गया।