अंबेडकरनगर। समाजवादी पार्टी महिला सभा की आंतरिक राजनीति में गहराता विवाद शुक्रवार को तब सामने आया जब टांडा विधानसभा महिला सभा अध्यक्ष रीता चौहान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने इस्तीफे में महिला सभा की जिलाध्यक्ष सीमा यादव पर तानाशाही, अनुशासनहीनता और पार्टी विरोधी गतिविधियों के गंभीर आरोप लगाए।
रीता चौहान ने कहा कि जिलाध्यक्ष के साथ कार्य करना अब संभव नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि सीमा यादव को संगठनात्मक अनुभव और सामाजिक-पार्टी पृष्ठभूमि के अभाव में वर्ष 2023 में जिलाध्यक्ष पद पर मनोनीत कर दिया गया, जबकि वह स्वयं वर्ष 2012 से पार्टी की सक्रिय कार्यकर्ता रही हैं। रीता ने बताया कि उन्होंने 2022 विधानसभा चुनाव, 2024 लोकसभा चुनाव और विभिन्न उपचुनावों में पार्टी के लिए लगातार कार्य किया है। लेकिन 28 जुलाई 2025 को उन्हें बिना कारण हटाए जाने से मानसिक उत्पीड़न हुआ। इसके बाद 30 जुलाई को उन्हें बहाल किया गया और सीमा यादव ने फेसबुक पर अनुशासन सुधारने की बात कही, जिसे रीता ने झूठा करार दिया। इस बाबत जिलाध्यक्ष ने बताया कि आरोप निराधार है। इस प्रकार का कोई भी व्यवहार नहीं किया गया।