अंबेडकरनगर। अपर सत्र न्यायाधीश त्वरित प्रथम परविंद कुमार ने शुक्रवार को गैरइरादतन हत्या और मारपीट के मामले में तीन लोगों को 10-10 वर्ष की सजा सुनाई है। साथ ही प्रत्येक पर 35-35 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
अकबरपुर के मीरानपुर निवासी संतोष यादव के मुताबिक तीन अप्रैल 2010 सुबह छह बजे उनकी पत्नी ऊषा देवी अपनी मां लीला देवी और भाई रंजीत यादव के साथ गांव के उत्तर स्थित अपने खेत में गेहूं काट रही थीं। आठ बजे के करीब पट्टीदार आज्ञाराम, अमित यादव, अंकुर यादव, मालती लाठी डंडा लेकर खेत में पहुंचे और गालियां देते हुए मां को लाठी से मारने लगे। बीच बचाव करने पर हमलावरों ने ऊषा और रंजीत को भी मारा। पिटाई से सभी को गंभीर चोटें आईं। लीला देवी को गंभीर चोटें लगने से उनकी मौत हो गई थी। हल्ला गुहार सुन खरगपुर निवासी रिश्तेदार संतोष व अभिमन्यु पहुंचे तो जान से मार डालने की धमकी देते हुए भाग निकले थे। पुलिस ने चारों के खिलाफ गैरइरादतन हत्या समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज किया था। अंकित यादव की पत्रावली किशोर न्याय बोर्ड भेज दी गई। वहीं अन्य के खिलाफ पुलिस ने चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी। इसी मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने आज्ञाराम, मालती देवी और अंकुर यादव को सश्रम कारावास की सजा सुनाई है।