अंबेडकरनगर/सद्दरपुर। बीते बुधवार को आंधी के साथ आई बारिश के कारण विषैले जीव-जंतु अपने बिलों से बाहर निकलकर आबादी में सुरक्षित ठिकाना ढूंढने पहुंच रहे हैं। बृहस्पतिवार को जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में तीन लोग सर्पदंश का शिकार हुए। इनमें एक महिला की झाड़-फूंक कराने के चक्कर में मौत हो गई, जबकि ईंट-भट्ठे पर काम करने वाले बिहार के मजदूर ने भी दम तोड़ दिया। तहसील प्रशासन की ओर से सभी मामलों में राजस्व निरीक्षकों से रिपोर्ट मांगी गई है।
जैतपुर के अंबरपुर गांव की बासमती (45) बृहस्पतिवार की सुबह करीब 5:30 अपने घर पर साफ-सफाई के लिए उठी थीं। इसी बीच उन्हें विषैले सांप ने डस लिया। महिला की चीख सुनकर परिवार के लोग मौके पर पहुंचे। परिजन पहले तो उन्हें पड़ोस के एक गांव में झाड़-फूंक कराने के लिए ले गए। करीब तीन घंटे तक झांड़-फूंक कराई गई लेकिन हालत में कोई सुधार नहीं हुआ। इस पर क्षेत्र के एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टर ने महिला को मृत घोषित कर दिया। परिवार में पति हरिशंकर के अलावा पुत्री रंजना (24), नीरज (25) व पुत्र अमन (18) हैं जो अभी अविवाहित हैं। हादसे के बाद से परिवार में शोक की लहर दौड़ गई।
भट्ठे पर बिहार के मजदूर की सर्पदंश से मौत
बिहार प्रांत के जनपद नेवादा निवासी वीरेंद्र (35) अकबरपुर इलाके के कुर्की बाजार स्थित एक भट्ठे पर पिछले काफी समय से मजदूरी करते थे। बृहस्पतिवार की शाम वीरेंद्र को भट्ठे पर विषैले सांप ने डस लिया। साथी मजदूर उन्हें जिला अस्पताल लेकर पहुंचे जहां से राजकीय मेडिकल कॉलेज सद्दरपुर रेफर कर दिया गया। वहां इलाज के दौरान रात करीब 11:30 बजे दम तोड़ दिया। अलीगंज इंस्पेक्टर भूपेंद्र सिंह ने बताया कि इसकी सूचना मृतक के परिजनों को देकर शव पोस्टमाॅर्टम हाउस में रखवा दिया गया है। परिजनों के आने के बाद आगे की प्रक्रिया पूरी कर शव की सुपुर्दगी दी जाएगी।
बुजुर्ग महिला को तीन बार सांप ने डसा
अहिरौली क्षेत्र के ग्राम रघुपट्टी निवासिनी लोचना (76) बृहस्पतिवार रात करीब आठ बजे अपनी चारपाई पर खाना खा रही थीं। पानी पीने के लिए बिस्तर से नीचे उतरी थीं। इसी बीच चारपाई के नीचे मौजूद सांप ने तीन स्थानों पर पैर में डस लिया। शोर सुनकर परिजन पहुंचे और सीएचसी कटेहरी ले गए। यहां से जिला अस्पताल और फिर राजकीय मेडिकल कॉलेज सद्दरपुर रेफर किया गया। रात करीब 03:30 बजे महिला की इलाज के दौरान मौत हो गई। मृतका के परिवार में चार बेटे सुखलाल, जुगलाल, नंदलाल और चौथी प्रसाद हैं।
ये मिलता है मुआवजा
सर्पदंश से पीड़ित व्यक्ति के इलाज के लिए सभी सरकारी अस्पतालों में एंटी स्नेक वेनम की मुफ्त सुविधा उपलब्ध है। सर्पदंश से मौत होने की स्थिति में मृतक के परिजनों को 4 लाख रुपये की अनुग्रह राशि मिलती है। दावा करने के लिए पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट, डेथ सर्टिफिकेट, आधार कार्ड और वारिसान प्रमाणपत्र की आवश्यकता होती है।
मुहैया कराई जाएगी मदद
सर्पदंश के मामलों में तहसीलों से फाइल तैयार कराकर आवेदन कराया जाएगा। हर परिवार को जांच के बाद चार लाख रुपये की मदद मुहैया कराई जाएगी।
- ज्योत्सना बंधु, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व