डॉ. एके चौधरी। संवाद
अंबेडकरनगर। दीपावली पर खुशियों के दीप जलाने के साथ सेहत का ख्याल रखना भी जरूरी है। पटाखों से निकलने वाला धुआं, तेज आवाज और चिंगारियां स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक साबित हो सकती हैं। सांस, आंख और त्वचा रोग विशेषज्ञों ने लोगों को पटाखे जलाते समय विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।
जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. योगेश वर्मा के अनुसार, पटाखों से निकलने वाला धुआं सांस के मरीजों की परेशानी बढ़ा सकता है। अस्थमा, एलर्जी और सांस संबंधी बीमारियों से पीड़ित लोगों को पटाखों के धुएं से दूर रहना चाहिए। इसके संपर्क में आने से खांसी, सांस फूलने और आंखों में जलन की समस्या हो सकती है। उन्होंने बच्चों और बुजुर्गों को भी प्रदूषण से बचाकर रखने की सलाह दी।
चिंगारी से आंखों की रोशनी को खतरा
नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. आरएस वर्मा ने बताया कि पटाखे जलाते समय चिंगारी या बारूद के कण आंखों में जा सकते हैं। इससे गंभीर चोट लगने के साथ कॉर्निया को नुकसान पहुंच सकता है। आंखों की रोशनी भी प्रभावित हो सकती है। उन्होंने पटाखे जलाते समय सुरक्षित दूरी बनाए रखने की सलाह दी। आंख में चिंगारी या कोई कण पड़ने पर उसे रगड़ना नहीं चाहिए। साफ पानी से धोने के बाद तत्काल चिकित्सक को दिखाना जरूरी है।
जलने पर 20 मिनट तक करें ठंडे पानी से सिकाई
त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. एके चौधरी ने बताया कि पटाखों की चिंगारी से त्वचा झुलस सकती है। इससे फफोले और घाव होने का खतरा रहता है। जलने पर प्रभावित हिस्से को 20 मिनट तक सामान्य ठंडे बहते पानी के नीचे रखना चाहिए। जले स्थान पर टूथपेस्ट, तेल या घी नहीं लगाना चाहिए। गंभीर रूप से झुलसने पर बिना देरी किए अस्पताल पहुंचना चाहिए। चिकित्सकों ने लोगों से सुरक्षित तरीके से दीपावली मनाने और किसी भी तरह की लापरवाही से बचने की अपील की है।
डॉ. एके चौधरी। संवाद
डॉ. एके चौधरी। संवाद