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Ambedkar Nagar News: आस्था और खरीदारी का संगम है श्रवण धाम मेला

Sun, 07 Dec 2025 12:48 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
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श्रवण धाम मेले में खजला की खरीदारी करते श्रद्धालु।
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श्रवण क्षेत्र (अंबेडकरनगर)। श्रवण धाम मेला न सिर्फ आस्था का केंद्र बन गया है, बल्कि स्थानीय और बाहरी व्यापारियों के लिए बड़ी कमाई का अवसर भी साबित हो रहा है। मेले के तीसरे दिन शनिवार को उमड़ी भारी भीड़ देख दुकानदारों के चेहरे खिल गए। खरीदारी का ऐसा माहौल रहा कि कई दुकानों पर दोपहर तक सामान लगभग खत्म होने की स्थिति में पहुंच गया। ग्राम प्रधान शकुंतला देवी, सचिव आनंद पांडेय ने सफाई, भीड़ प्रबंधन और स्टॉल व्यवस्था को प्रभावी ढंग से संभाला। दुकानदारों को उम्मीद है कि रविवार का दिन इस साल की सबसे बड़ी बिक्री लेकर आएगा।
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राजस्थान के लोहा बाजार की धूम, सबसे अधिक बिक्री
इस बार मेले का सबसे बड़ा आकर्षण राजस्थान से आई लोहे की दुकानें बन गई हैं। कड़ाही, तवा, कढ़ाई, फावड़ा, खुरपी और किसानों के उपयोग की धातु सामग्री की बिक्री रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची।
दुकानदारों के अनुसार इस बार भीड़ अपेक्षा से दोगुनी है। इतना व्यापार कई मेलों में भी नहीं हुआ।

चूड़ी, कंगन, कॉस्मेटिक का जबरदस्त बाजार
महिलाओं की भारी भीड़ ने चूड़ी, कंगन, बिंदी, कॉस्मेटिक और घरेलू सामान की दुकानों पर खूब खरीदारी की। कई दुकानदार लगातार पैकिंग करते-करते थक गए। चूड़ी बिक्री करने वाले दुकानदारों ललित का कहना है कि इस साल की बिक्री पिछले दो सालों से बेहतर है, महिलाओं की भीड़ लगातार बनी हुई है।
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मिठाई और स्नैक्स की दुकानों पर खूब भीड़
पेठा, खजला, गुजिया, नमकीन और स्थानीय व्यंजनों की दुकानों पर खरीदारी चरम पर रही।
पर्यटकों और श्रद्धालुओं ने मंदिर दर्शन के साथ-साथ मेले के स्वाद का भी खूब आनंद उठाया। लकड़ी के खिलौने, हैंडीक्राफ्ट आइटम, छोटे ट्रक, कार, रसोई सेट और सजावटी आइटम बच्चों व महिलाओं को खूब पसंद आए।
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झूला बंद, मनोरंजन प्रभावित
मेले में इस बार बड़े झूलों की अनुमति न मिलने से बच्चे और महिलाएं निराश रहीं, लेकिन इसका व्यापार पर बड़ा असर नहीं पड़ा। मेले में झूले लेकर कई स्थानों से लोग आए, लेकिन अभी तक मनोरंजन विभाग इसको अनुमति नहीं दे पाया है। स्थानीय लोगों ने कहा कि साल में एक बार मेला लगता है, उसमें भी प्रशासन की मनमानी चरम पर है।
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