अंबेडकरनगर। इब्राहिमपुर के मोहम्मद शाबान को एनसीईआरटी में नियुक्ति दिलाने के नाम पर चार लाख रुपये की ठगी करने वाले गिरोह के सदस्य सिद्धार्थनगर के विपिन पांडेय की अग्रिम जमानत याचिका सत्र न्यायाधीश ने खारिज कर दी है।
इब्राहिमपुर के मोहम्मद शाबान ने पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देखकर बताया था कि उसके गांव के सतीश ने पांच लाख रुपये में एनसीईआरटी में जिला पर्यवेक्षक के पद पर नियुक्ति करा देने की बात कही थी। सतीश ने उसे दिलीप कुमार प्रजापति से मिलवाया और बताया कि दिलीप सचिवालय लखनऊ में नियुक्त हैं। इन दोनों की बातों में आकर शाबान ने दिलीप के खाते में डेढ़ लाख रुपये दिए थे। इसके बाद दिलीप ने उसका फर्जी साक्षात्कार भी कराया गया और एक हफ्ते बाद उसकी जॉइनिंग लेटर व्हाट्सएप के माध्यम से दे दिया था। प्रपत्र को लेकर जब शाबान अयोध्या जिले के मया ब्लॉक पहुंचा तो उसे पता चला कि सतीश और दिलीप ने फर्जी प्रपत्र तैयार कर दिए हैं। इसके बाद जब उनसे रुपये वापस करने के लिए कहा गया तो फर्जी मुकदमे में फसाने की धमकी देने लगे थे। इस प्रकरण में एसपी के आदेश पर इब्राहिमपुर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस ने मामले की विवेचना शुरू की तो विपिन पांडेय उर्फ अजय निवासी ग्राम डिबलीडीहा चौबे त्रिलोकपुर जनपद सिद्धार्थनगर का भी नाम सामने आया। मामले में सत्र न्यायाधीश चंद्रोदय कुमार ने आरोपी की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है।