जलालपुर (अंबेडकरनगर)। बीजेपी के वरिष्ठ नेता तथा जलालपुर से पार्टी के टिकट पर विधानसभा का चुनाव लड़ चुके डॉ. राजेश सिंह ने बृहस्पतिवार को भाजपा की प्राथमिक सदस्यता से त्याग पत्र दे दिया। उन्होंने यह निर्णय उस दिन लिया, जब जलालपुर विधानसभा क्षेत्र में जनसभा को संबोधित करने डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा पहुंचे हुए थे। इस बीच उन्होंने देर शाम बसपा की सदस्यता भी ग्रहण कर ली। उनके तमाम समर्थक 11 दिसंबर को जलालपुर में बसपा की सदस्यता लेंगे। पार्टी की तरफ से उन्हें चुनाव लड़ाने के भी संकेत मिल रहे हैं।
प्रदेश की राजनीति में अपनी चमक बिखेर चुके दिवंगत पूर्व विधायक शेरबहादुर सिंह के पुत्र राजेश सिंह भाजपा से वर्ष 2017 में विधानसभा का आम चुनाव लड़ चुके हैं। उन्हें बाद में हुए उपचुनाव में भी बीजेपी ने टिकट दिया था, लेकिन सफलता नहीं मिल पायी थी। राजेश ने बीते दिनों ही समर्थकों की बैठक में यह एलान किया था कि वे इस बार भी विधानसभा का चुनाव लड़ेंगे। उन्होंने साफ तौर पर पार्टी को बता दिया था कि यदि भाजपा टिकट देती है तो यह उनकी पहली प्राथमिकता होगी, लेकिन ऐसा न होने पर वे कार्यकर्ताओं व आम जनता की इच्छा के अनुरूप चुनाव जरूर लड़ेंगे। इसके बाद से ही वे जिले में आए सीएम योगी आदित्यनाथ व उसके बाद डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के कार्यक्रम में नहीं दिखे।
बृहस्पतिवार को जलालपुर में पहुंचे डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा के कार्यक्रम से भी उन्होंने कन्नी काटे रखी। दिन में उन्होंने बताया कि व्यक्तिगत कारणों से वह शहर से बाहर हैं, लेकिन देर शाम उन्होंने भाजपा जिलाध्यक्ष डॉ. मिथिलेश त्रिपाठी को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से अपना त्याग पत्र भेज दिया।
इस बीच उन्होंने जिला मुख्यालय पर देर शाम बसपा के मुख्य सेक्टर कोऑर्डिनेटर पूर्व सांसद घनश्याम चंद्र खरबार के समक्ष बसपा की सदस्यता ग्रहण कर ली। राजेश ने बताया कि 11 दिसंबर को जलालपुर में कार्यक्रम का आयोजन होगा, जिसमें तमाम पंचायत प्रतिनिधि व समर्थक बसपा की सदस्यता ग्रहण करेंगे। सूत्रों के अनुसार बसपा नेतृत्व से उनकी दो दौर की वार्ता हो चुकी है। उन्हें जलालपुर से बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ाए जाने के संकेत भी बसपा नेताओं से मिले हैं।