अंबेडकरनगर। बाढ़ की स्थिति उत्पन्न होने पर अब टांडा तहसील क्षेत्र के प्रभावित ग्रामीणों को ज्यादा मुश्किलों का सामना नहीं करना पड़ेगा। 300 व्यक्तियों की क्षमता के स्थायी बाढ़ शरणालय का निर्माण होगा। शासन ने इसके लिए 5.82 करोड़ रुपये मंजूर कर दिए हैं। जल्द ही भूमि आदि चिह्नित कर निर्माण शुरू करा दिया जाएगा। शरणालय में लोगों के ठहरने आदि का समुचित इंतजाम रहेगा।
बताते चलें कि सरयू नदी की बाढ़ से प्रत्येक वर्ष जिले में टांडा व आलापुर तहसील के वाशिंदे प्रभावित होते हैं। इसमें सबसे ज्यादा असर टांडा तहसील में होता है। माझा क्षेत्र के अलावा करीब एक दर्जन गांव के ग्रामीण बाढ़ की सीधी चपेट में आते हैं। प्रशासन को इसे देखते हुए अलग-अलग बाढ़ चौकियों की स्थापना करनी पड़ती है। जहां पर वैकल्पिक प्रबंध कर ग्रामीणों को ठहराया जाता है। स्थायी इंतजाम न होने से कई बार बाढ़ प्रभावितों को असुविधा भी हो जाती है।
प्रदेश के कई अन्य जनपदों में भी इसी तरह की स्थिति का सामना बाढ़ प्रभावितों को करना पड़ता है। इसे देखते हुए सरकार ने अब अंबेडकरनगर, बाराबंकी, गोरखपुर व अयोध्या में बाढ़ शरणालयों के स्थायी निर्माण का निर्णय लिया है। अंबेडकरनगर में यह निर्माण टांडा तहसील क्षेत्र में कराया जाएगा। इसके लिए शासन ने 5 करोड़ 82 लाख की कुल रकम मंजूर कर दी है। इससे 300 व्यक्तियों के ठहरने लायक शरणालय का निर्माण होगा। इसमें लोगों के रहने समेत शौचालय व रसोई घर आदि का भी इंतजाम रहेगा। पेयजल आदि के भी विशेष प्रबंध इसी रकम में से कराया जाएगा।
इससे बाढ़ की स्थिति उत्पन्न होने पर जैसे-तैसे स्कूलों व पंचायत भवनों में रहने की मुश्किल से छुटकारा मिल सकेगा। एडीएम डॉ. सदानंद गुप्त ने बताया कि स्थायी निर्माण के लिए भूमि की तलाश शुरू कर दी गई है। बाढ़ का संकट उत्पन्न होने पर निश्चित रूप से यह निर्माण स्थानीय लोगों के लिए बड़ा लाभप्रद साबित होगा।
बोले ग्रामीण, मिलेगी राहत
बाढ़ प्रभावित क्षेत्र नैपुरा के वंशी ने कहा कि बाढ़ आने पर इधर-उधर भटकने से छुटकारा मिलेगा। नया भवन बनेगा तो वह लोगों की सुविधाओं को देखते हुए तैयार होगा। स्कूलों व पंचायत भवनों में ठहरने पर असुविधाओं का सामना करना पड़ता था। माझा निवासी रामलाल ने कहा कि सरकार का यह निर्णय स्वागत योग्य है। 300 व्यक्तियों का एक साथ ठहराव लायक स्थान बनाना उचित है। इसका लाभ प्रत्येक वर्ष आने वाली बरसात में मिल सकेगा। एक अन्य ग्रामीण श्याम यादव ने कहा कि इसी तरह के स्थायी इंतजाम बाढ़ की विभीषिका से निपटने के लिए होने चाहिए। इससे ही लोगों को ज्यादा सुविधाएं प्रदान की जा सकेंगी।