अंबेडकरनगर। अब बेघरों को खुले आसमान तले रहने की मजबूरी नहीं रहेगी। अकबरपुर नगर के रघुराजीपुरम मोहल्ले में 100 बेड का आश्रय भवन का निर्माण लगभग तैयार है। शहरी आजीविका मिशन के तहत लगभग 3 करोड़ की लागत से आश्रय भवन का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। उम्मीद है कि दिसंबर माह में इसका संचालन शुरू हो जाएगा। इसमें आश्रय लेने वालों न सिर्फ रहने के लिए स्थान मिलेगा, बल्कि निशुल्क भोजन भी दिया जाएगा।
बाहर से आने वालों व बेसहारा लोगों को खुले में रात न गुजारना पड़े, इसके लिए वर्ष 2018 में शहरी आजीविका मिशन के तहत प्रदेश सरकार ने आश्रय भवन के निर्माण को मंजूरी प्रदान की। अकबरपुर नगर के रघुराजीपुरम में 100 बेड वाले भवन के निर्माण की जिम्मेदारी कार्यदायी संस्था सीएंडडीएस को सौंपा गया। 2 करोड़ 97 लाख रुपये की लागत से निर्मित होने वाले भवन का निर्माण कार्य 30 नवंबर 2019 तक पूर्ण कर लिए जाने का निर्देश दिया गया।
निर्माण में आर्थिक बाधा न उत्पन्न हो और समय पर निर्माण कार्य पूर्ण हो जाए, इसके लिए कार्यदायी संस्था को राशि भी उपलब्ध करा दी गई। शुरुआत में निर्माण की गति काफी धीमी रही, लेकिन समय बीतने के साथ ही इसमें तेजी आने लगी। मौजूदा समय में निर्माण कार्य लगभग पूर्ण होने के करीब पहुंच गया है। उम्मीद जताई जा रही है कि दिसंबर के दूसरे पखवारे में आश्रय भवन का संचालन प्रारंभ कर दिया जाएगा।
डूडा विभाग कर्मी एसके मौर्या ने बताया कि 100 बेड वाले आश्रय भवन का निर्माण कार्य लगभग पूर्ण होने को है। शीघ्र ही निर्माण कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा। इसके बाद इसका संचालन प्रारंभ कर दिया जाएगा। बताया कि इसमें ऐसे लोगों को रखा जाएगा, जो किसी बाहरी क्षेत्र से नगर क्षेत्र में आए हों और उन्हें रहने के लिए कहीं स्थान न मिले या फिर आर्थिक तंगी के चलते होटल में न रह सकते हों।
इसके अलावा यदि किसी कारणवश शहरी क्षेत्र में रह रहे किसी का घर ढह जाता है, तो खुले में रात न गुजारनी पड़े, इसके लिए उन्हें आश्रय भवन में शरण दी जाएगी। आश्रय भवन में रहने के लिए उनसे किसी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाएगा। इसके अलावा उन्हें निशुल्क भोजन भी उपलब्ध कराया जाएगा। बताया कि आश्रय भवन में रहने वालों को किसी भी प्रकार की मुश्किल न हो, इसके लिए सभी जरूरी प्रबंध किए जाएंगे।
डूडा के परियोजना निदेशक आदित्य कुमार सिंह ने बताया कि लगभग तीन करोड़ की लागत से निर्मित होने वाले आश्रय भवन का निर्माण दिसंबर माह तक पूर्ण कर लिया जाएगा। इसके बाद इसका संचालन प्रारंभ कर दिया जाएगा।