अंबेडकरनगर। शब-ए-बरात अकीदत और एहतेराम के साथ मनाई गई। मुस्लिम समुदाय में खासा उत्साह देखा गया। मस्जिद, मजार, कब्रिस्तानों को करीने से सजाया गया। यहां श्रद्धालुओं ने कुरानखानी, फातिहखानी के अलावा विशेष आमाल और इबादत किया।
शिया समाज के लोगों ने अपने 12वें इमाम हजरत मेंहदी आखिरूज्जमा के जन्मदिवस पर हलुआ पूड़ी का वितरण किया और और गले मिल एक दूसरे को मुबारकबाद दीं। बच्चों ने आतिशबाजी का लुत्फ उठाया। नगर के मोहल्ला गदायां, जौहरडीह, अफजलपुर सुराड़ी, कालेपुर, इमामबाग-अब्दुल्लाहपुर, शाहजहांपुर, सिंझौली, लोरपुर-पीरपुर के दो दर्जन से अधिक मजारों और कब्रिस्तानों पर बृहस्पतिवार की रात पहुंच कर लोगों ने दिवंगत बुजुर्गों की रूह की निजात और अपने गुनाहों की माफी के लिए रब से दुआ की।
मान्यता है कि 14/15 शाबान की रात की खासियत है कि यह शबे कद्र की रात मानी जाती है, जो इबादत और गुनाहों की माफी की रात होती है। लोगों का विश्वास है कि इस रात में मांगी गई मुरादें रद नहीं होती है। जहां मर्दों ने कब्रिस्तान में जाकर फातिहा पढ़ा और मस्जिदों में इबादत की, वहीं महिलाओं ने भी घरों में कुरान की तिलावत की और नमाज पढ़ीं। अल्लाह से अपने गुनाहों की माफी मांगते हुए रातभर इबादत का दौर जारी रहा। शब-ए-बरात की इस रात ने सभी को एकजुट कर दिया और इबादत में मगन कर दिया।
मौलाना सैयद मासूम रजा कैफी बताते हैं इस्लामिक कैलेंडर के 8वें महीने में शबे बरात का पर्व मनाया जाता है। वास्तव में यह एक ऐसा अवसर है, जब मुसलमान अपने गुनाहों की माफी मांगते हैं और अल्लाह से अपनी दुआएं मांगते हैं। इस दिन रोजा रखने की भी परंपरा है। इसके अलावा इबादत के दौरान जीवन में कभी किसी गलत काम को न करने का वादा करते हैं।
मछलीगांव में वार्षिक महफिल कार्यक्रम संपन्न
अंबेडकरनगर। जलालपुर तहसील अंतर्गत ग्राम मछलीगांव में बृहस्पतिवार रात नजमुल हसन के संयोजन और प्रोफेसर मौलाना अब्बास रजा नैय्यर जलालपुरी के कुशल संचालन में इमाम-ए-जमाना के संबंध में भव्य महफिल का वार्षिक आयोजन किया गया।
नाजिम अली खैराबादी ने बतौर मुख्य वक्ता संबोधित करते हुए बड़ी संख्या में जुटे श्रद्धालुओं से इमाम के दिखाए मार्ग का अनुसरण करने की अपील की। कहा कि तभी लोक के संग परलोक में भी कल्याण हो सकेगा। उक्त अवसर पर शीबू रिजवी, डॉ. सैयद जाकिर इमाम, मौलाना नूरुल हसन रिजवी, मुनीस अब्बास शाजी, मसरूर अब्बास, सैयद एहसान रजा आदि मौजूद रहे।