अंबेडकरनगर। सोशल मीडिया और मैसेजिंग एप के जरिये लोग एक-दूसरे को संदेश भेजते हैं। मौके का फायदा उठाकर साइबर ठग लोगों को फर्जी लिंक और उनको फाइल भेजकर उनके मोबाइल हैक कर रहे हैं।
साइबर जालसाज व्हॉट्एप पर एक फाइल भेजते हैं, जिसके साथ आकर्षक टेक्स्ट या इमेज होती है, ताकि आपको लगे कि यह कोई डिजिटल ग्रीटिंग कार्ड या गिफ्ट है। फाइल के साथ हैप्पी न्यू ईयर जैसा संदेश लिखा होता है। जैसे ही आप उस फाइल पर क्लिक करते हैं वो एपीके फाइल आपके फोन में इंस्टॉल हो जाती है। एक बार फाइल इंस्टॉल होने के बाद हैकर को आपके फोन का पूरा एक्सेस मिल जाता है। जिले में एपीके फाइल के माध्यम से 10 से अधिक लोग साइबर ठगी का शिकार बन चुके हैं। अकबरपुर के अरियौना के श्याम बिहारी का पंजाब नेशनल बैंक शहजादपुर में बचत खाता है। साइबर जालसाजों ने 19 सितंबर 2025 को एपीके फाइल का संदेश भेजा। फाइल डाउन लोड़ होने के बाद पहली बार में 35968 और इसके बाद 24 सितंबर तक लगातार कई सिफ्ट में 1,71,901 रुपये खाते से निकल गए।
एपीके फाइल के बारे में जानें
एपीके फाइल या कोई एप्लिकेशन इंस्टॅाल करने के लिए इस्तेमाल की जाती है। सामान्य तौर पर इन्हें गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड किया जाता है। हालांकि, साइबर ठग इन फाइलों का दुरुपयोग ठगी के लिए कर रहे हैं। एपीके फाइल डाउन लोड़ होते ही यह मोबाइल फोन में कई तरह की अनुमतियां दे देती है। इससे अपराधियों को लोगों की फोटो, वीडियो, ओटीपी और बैंकिंग डाटा तक पहुंच हो जाती है।
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आप भी बता सकते हैं आप बीती:
अगर आपके साथ भी साइबर ठगों ने धोखाधड़ी की है तो आप हमें अपनी आपबीती बता सकते हैं। अमर उजाला साइबर ठगों के खिलाफ अभियान चला रहा है। आपकी बताई गई समस्या प्रकाशित की जाएगी। आपकी पहचान गोपनीय रखी जाएगी। आप हमें 9368724176 पर संपर्क कर सकते हैं।
जागरूकता जरूरी
किसी भी प्रकार की साइबर ठगी होने पर तुरंत 1930 पर कॉल कर शिकायत दर्ज कराएं, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके। सावधानी और जागरूकता ही साइबर अपराध से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है। जश्न मनाएं, लेकिन डिजिटल दुनिया में सतर्क रहना न भूलें।
- शुभम कुमार, सीओ साइबर क्राइम