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अंग्रेजी में प्रश्नपत्र मिलने पर भड़के छात्र

Mon, 06 Jul 2015 11:05 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ अंबेडकरनगर
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गुस्साए छात्र नारेबाजी करते हुए कॉलेज से बाहर आ गए और मुख्य गेट पर प्रदर्शन शुरू कर दिया। इसके बाद अकबरपुर बस स्टेशन के निकट मुख्य मार्ग जाम लगा दिया। सूचना मिलने पर पहुंची अकबरपुर पुलिस ने छात्र छात्राओं को समझाया।
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इस पर सभी ने जाम तो समाप्त कर दिया लेकिन पदमार्च करते हुए कलक्ट्रेट पहुंच गए। यहां भी सभी ने प्रदर्शन किया। इसके बाद डीएम से मुलाकात कर पूरे मामले से अवगत कराया। छात्र-छात्राओं ने फिर से परीक्षा कराए जाने की मांग की।

बीएनकेबी पीजी कालेज में सोमवार को प्रथम पाली में चल रही बीपीई की परीक्षा के दौरान उस समय छात्र छात्राओं ने हंगामा शुरू कर दिया जब हिंदी मीडियम के प्रश्नपत्र के स्थान पर उन्हें अंग्रेजी मीडियम का प्रश्नपत्र थमा दिया। गुस्साए छात्र छात्राओं ने परीक्षा का बहिष्कार कर दिया।
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महाविद्यालय के गेट पर पहुंचकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। उनका कहना था कि जब उन्होंने फार्म में हिंदी मीडियम में परीक्षा देने भरा था तो उन्हें अंग्रेजी माध्यम का प्रश्नपत्र क्यों दिया जा रहा है। काफी देर तक प्रदर्शन करने के बाद सभी छात्र छात्राएं अकबरपुर बस स्टेशन के निकट पहुंचे और मुख्य मार्ग जाम कर दिया।

जाम की सूचना मिलते ही अकबरपुर पुलिस मौके पर पहुंची और छात्र छात्राओं को समझाना बुझाना शुरू किया। पुलिस की मानमनौव्वल के बाद छात्र छात्राओं ने जाम तो समाप्त कर दिया, लेकिन पदमार्च करते हुए कलक्ट्रेट पहुंच गए। सभी छात्र छात्राएं देव इन्द्रावती महाविद्यालय कटेहरी से संबद्ध हैं।

यहां फिर सभी ने प्रदर्शन करना शुरू कर दिया। प्रदर्शन कर रहे छात्र छात्राओं ने परीक्षा फिर से कराए जाने की मांग की। कहा कि अंग्रेजी माध्यम का प्रश्नपत्र देकर उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। बाद में छात्र छात्राओं के एक प्रतिनिधिमण्डल ने डीएम से मुलाकात की। उन्हें ज्ञापन सौंपा। 

कहा उनकी परीक्षा 30 जून से प्रारंभ हुई थी। पहले जो प्रश्नपत्र दिए गए वे हिंदी व अंग्रेजी दोनों में थे, लेकिन दो जुलाई को जो प्रश्नपत्र दिया गया, वह पूरी तरह अंग्रेजी में था। इस पर नाराजगी जताई गई तो प्राचार्य व अन्य ने उसका हिंदी में अनुवाद कराया। इसकते बाद भी प्रश्न नंबर पांच का अनुवाद कोई नहीं कर सका।

किसी प्रकार परीक्षा दी गई। तीन जुलाई को पुन: अंग्रेजी माध्यम में ही प्रश्नपत्र प्राप्त हुआ। इस पर विद्यालय प्रबंधन ने तीन घंटे के समय के स्थान पर साढ़े तीन घंटे का समय देने का आश्वासन दिया और एक बार फिर हिंदी में अनुवाद  किया गया। इस दिन विद्यालय प्रशासन ने आश्वस्त किया कि अगला पेपर हिंदी में ही मिलेगा।

चार जुलाई को दोनों माध्यम में प्रशभनपत्र मिले लेकिन 6 जुलाई सोमवार को फिर से अंग्रेजी माध्यम का प्रश्नपत्र छात्रों को थमा दिया गया। छात्र-छात्राओं ने कहा उनके भविष्य से खिलवाड़ किया जा रहा है। उन्होंने पूरी परीक्षा फिर से कराए जाने की मांग की। इस पर डीएम विवेक ने कहा कि वे मामले से विश्वविद्यालय प्रशासन को अवगत कराएंगे। इस बाबत समुचित निर्णय लिया जाएगा।
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