अंबेडकरनगर। कैनविज कंपनी द्वारा जिले के 182 लोगों से की गई 2.60 करोड़ रुपये की ठगी के मामले में पुलिस की जांच काफी धीमी रफ्तार से आगे बढ़ रही है। इसके चलते ही ठगी का मास्टर माइंड व सरगना कन्हैया गुलाटी अभी तक पुलिस की गिरफ्त में नहीं आया है। इस मामले में 24 फरवरी को भीटी थाने में आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई थी। इसके बावजूद, पुलिस अभी तक साक्ष्यों के सत्यापन का काम तक शुरू नहीं कर पाई है।
महाठग कन्हैया ने वर्ष 2007 में गाेंडा जिले के नवाबगंज के सुरेंद्र कुमार और अयोध्या जिले के रोशन लाल वर्मा को मोहरा बनाकर अलग-अलग इलाकों के लोगों को इस पिरामिड स्कीम में माेटा फायदा देने का झांसा देकर जोड़ा था। जिसके बाद विभिन्न कंपनियों और योजनाओं के माध्यम से जिले के 182 से अधिक लोगों को अपना निशाना बनाकर 2.60 करोड़ रुपये की धनराशि ठगी थी। इसके बाद आरोपी कंपनी बंद कर देश छोड़कर भाग निकला।
लगातार प्रयास के बाद भी ठगी की रकम वापस न मिलने के बाद इब्राहिमपुर के एनवा निवासी रवींद्र पटेल ने एसपी से मामले की शिकायत की थी। फरवरी में भीटी पुलिस ने बरेली जिले के बारादरी थाने के शाहदाना स्टेडियम रोड निवासी गुलाजी, उसकी पत्नी राधिका गुलाटी, बेटे गोपाल गुलाटी, साले आशीष महाजन, आशीष की पत्नी, किमी महाजन, अयोध्या के भीती का पुरवा दर्शननगर, गोंडा के नवाबगंज अशोकपुर निवासी कृष्ण कुमार वर्मा के खिलाफ धोखाधड़ी की एफआईआर दर्ज की थी। सीओ भीटी लक्ष्मी कांत मिश्रा ने बताया कि मामले की जांच चल रही है, जल्द ही इसमें शामिल लोगों को गिरफ्तार किया जाएगा।