बाढ़ का सबसे पहले इसी क्षेत्र के तटवर्ती गांवों को चपेय में लेता। मौजूदा समय में नदी का जलस्तर लाल निशान 92.730 सेमी से नीचे है, लेकिन जिस तरह तेजी से जलस्तर बढ़ रहा है, उससे चार पांच दिनों में खतरे का निशान पार कर लेने की आशंका है। जलस्तर बढने के से माझा क्षेत्रों में कटान भी शुरू हो गई।
मालूम हो कि सरयू नदी के जलस्तर में वृद्धि से निकटवर्ती माझा क्षेत्र के उलटहवा, करमपुर परसावां, माझा आसोपुर, माझा छज्जापुर, माझा अवसानपुर, माझा डुहिया, फूलपुर, केवटला, पलटूतीर सहित कई अन्य गावों में दहशत है। सबसे पहले बाढ़ का पानी इन्हीं गांवों में प्रवेश करता है।
सबसे अधिक समस्या नदी से तीन तरफ से घिरे माझा उलटहवा के ग्रामीणों के सामने है। हर साल बाढ़ में इस गांव तक पहुंचने का संपर्क टूट जाता है। ग्रामीणों को खाद्यान्न के साथ- साथ अन्य समस्याओं से जूझना पड़ता है। इसके अलावा जलस्तर बढने से बाढ़ का पानी नाले व नालियों से होते हुए नगर के मेहनिया, नेहरूनगर, छज्जापुर, राजघाट, सहित अन्य मोहल्लों में पहुंच जाता है। कर लोगों में दहशत छाने लगी है।
हालांकि अभी नदी का जलस्तर खतरे के लाल निशान 92.730 सेमी से नीचे है, लेकिन जिस तरह लगातार जलस्तर में वृद्धि हो रही है उसे देखते हुए तीन-चार दिन के अंदर खतरे का लाल निशान पार कर लेने की आशंका है। जलस्तर बढने के साथ ही कई माझा क्षेत्रों में कटान भी शुरू हो गई है। इससे लोगों में हड़कंप है।
मांझा निवासी खेलावन व जगदीश कहते हैं कि प्रशासन को समय रहते समुचित प्रबंध तय करना होगा। कलावती व रेखा ने चिंता जताते हुए कहा कि पानी जिस तेजी से बढ़ रहा है, उससे आने वाले दिनों में मुश्किलें बढ़ना तय नजर आ रही हैं।