उफनाई सरयू नदी के जलस्तर में उतार चढ़ाव लगातार जारी है। बुधवार शाम चार बजे जलस्तर खतरे के निशान 92.73 मीटर से महज 13 सेमी नीचे था तो आधी रात के बाद फिर से पानी बढ़ने लगा। गुरुवार शाम तक जलस्तर 92.590 सेमी दर्ज किया गया जो कि खतरे के निशान से महज 23 सेमी नीचे है। जलस्तर में एक सेमी प्रति घंटा की रफ्तार से वृद्धि जारी है।
इसी प्रकार पानी बढ़ता रहा, तो शुक्रवार देर शाम वह खतरे का निशान पार कर जाएगा। इससे माझा क्षेत्र के लोगों की चिंता बढ़ गई है। उनमें हड़कंप मचा है। पहाड़ों व मैदानी क्षेत्रों में हो रही बारिश और नेपाल के छोड़े गए पानी के चलते सरयू नदी के जलस्तर में उतार चढ़ाव लगातार जारी है।
मंगलवार को जलस्तर खतरे के निशान से 50 सेमी नीचे पहुंच गया था। इस पर निकटवर्ती क्षेत्र के लोगों के साथ प्रशासन ने भी कुछ राहत की सांस ली। बुधवार को एक बार फिर पानी बढ़ा। शाम चार बजे जलस्तर 92.600 मीटर दर्ज किया गया।
बुधवार देर शाम जलस्तर में कुछ कमी दर्ज की गई लेकिन गुरुवार सुबह तक जलस्तर में एक बार फिर से वृद्धि देखी गई। एक सेमी प्रति घंटा की रफ्तार से वृद्धि के साथ गुरुवार शाम चार बजे जलस्तर 92.590 मीटर दर्ज किया गया, जो कि खतरे के लाल निशान से महज 23 सेमी नीचे है। वृद्धि की रफ्तार को देखते हुए अनुमान लगाया जा रहा कि शुक्रवार देर शाम तक जलस्तर लाल निशान तक पहुंच जाएगा।
इससे माझा क्षेत्र के ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई थी। माझा उलटहवा, माझा कम्हरिया, माझा अवसानपुर, करमपुर बरसावां आदि गांव के ज्यादातर लोगों ने सुरक्षित स्थानों पर जाने की तैयारियां शुरू कर दी थीं। प्रशासन ने 34 बाढ़ चौकियों को सतर्क किया है। उधर एडीएम गिरिजेश त्यागी ने बताया कि नदी के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है। बाढ़ चौकियों को सतर्क किया गया है।