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खतरे के निशान से 12 सेंमी. ऊपर सरयू

Sat, 13 Aug 2016 11:26 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/अंबेडकरनगर
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टांडा में सरयू के उफान से बरकरार है लोगों की मुश्किल। - फोटो : अमर उजाला
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सरयू नदी एक बार फिर उफान की तरफ है। शनिवार शाम चार बजे जलस्तर लाल निशान से 12 सेमी ऊपर 92.85 मीटर दर्ज किया गया। जलस्तर में वृद्धि होने से एक तरफ जहां माझा उलटहवा के तीन गांव पूरी तरह टापू में बदल चुके हैं, वहीं डेढ़ दर्जन से अधिक गांव के अत्यंत निकट बाढ़ का पानी पहुंच गया है। उधर, नगर के आधा दर्जन मोहल्लों में जगह-जगह जलभराव हो गया है।
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इससे एक तरफ संबंधित गांव के जहां लगभग दो हजार ग्रामीणों को आवागमन में दिक्कत होने लगी है, वहीं कटान का खतरा भी बढ़ गया है। इससे ग्रामीणों में चिंता बढ़ गई है। लगभग एक सप्ताह से जलस्तर में उतार-चढ़ाव हो रहाी है।

शुक्रवार को जलस्तर जहां लाल निशान से चार सेमी ऊपर था, वहीं शनिवार शाम चार बजे 92.85 मीटर दर्ज किया गया, जो लाल निशान 92.73 मीटर से 12 सेमी ऊपर है। बाढ़ खंड के अवर अभियंता चिंतामणि शर्मा के अनुसार जलस्तर में प्रति घंटा आधा सेमी की वृद्धि हो रही है।
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इससे सबसे अधिक मुश्किलें माझा उलटहवा के तीन गांवों दिलशेर का पूरा, बाबूराम का पूरा व जालिम का पूरा की लगभग दो हजार आबादी के समक्ष खड़ी हो गई हैं। ये तीनों गांव इन दिनों पूरी तरह टापू बन चुके हैं। ग्रामीणों को न सिर्फ आवागमन में दिक्कत हो रही हैं बल्कि पशुओं के चारे की भी समस्या खड़ी हो गई है।

 उधर, जलस्तर बढ़ने से निकटवर्ती डेढ़ दर्जन गांवों माझा कला, माझा उलटहवा, माझा इस्माइलपुर बेलदहा, माझा अवसानपुर, माझा छज्जापुर, माझा मुबारकपुर, माझा नेवतरिया व माझा डुहिया आदि के अत्यंत निकट बाढ़ का पानी पहुंच गया है। जिस तरह आधा सेमी प्रति घंटा की दर से जलस्तर में वृद्धि हो रही है, उससे शीघ्र ही इन गांवों में भी पानी पहुंचने की आशंका बढ़ गई है।

इससे संबंधित गांवों के लोग चिंतित हैं। माझा क्षेत्रों में 100 बीघा से अधिक धान की फसल में जलमग्न हो गई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से समय रहते आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराए जाने की मांग की है। जलनिकासी की समुचित व्यवस्था न होने से नगर के नेहरूनगर, मेहनिया, कश्मीरिया नई बस्ती, छज्जापुर, मुबारकपुर समेत आधा दर्जन मोहल्लों में जगह-जगह जलभराव हो गया है।

इससे लोगों को आवागमन में दिक्कत होने लगी है। इसके अलावा संक्रामक रोगों के फैलने की भी आशंका बढ़ गई है। नदी का जलस्तर बढ़ने के साथ ही बाढ़ प्रभावितों को कोई समस्या न हो, इसके लिए सभी नौ बढ़ चौकियों को सक्रिय कर दिया गया है। अवसानपुर, चिंतौरा, डुहिया, फूलपुर, नसरुल्लाहपुर, बिहरोजपुर, महरीपुर, जूनियर हाईस्कूल बसखारी व केवटला पर आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करा दी गई हैं।

इसके अलावा बाढ़ प्रभावितों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने के लिए बनाए गए सभी नौ शरणालय जूनियर हाईस्कूल अवसानपुर, टीएन डिग्री कॉलेज टांडा, लालता प्रसाद इंटर कॉलेज डुहिया, रामनरायन इंटर कॉलेज अजमेरी बादशाहपुर, जयराम वर्मा बापू स्मारक इंटर कॉलेज नाउसांडा, किसान उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बिहरोजपुर, जूनियर हाईस्कूल ककराही, हीरालाल जायसवाल इंटर कॉलेज किछौछा व जूनियर हाईस्कूल केवटला पर भी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करा दी गई हैं।

एसडीएम  पंकज ने बताया कि प्रशासन जलस्तर पर लगातार निगाह बनाए हुए है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को आवागमन में समस्या न हो, इसके लिए सभी 14 नावों को संबंधित क्षेत्रों में उतार दिया गया है। सभी नौ बाढ़ चौकियों को सक्रिय करते हुए शरणालयों पर आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करा दी गई हैं। यदि आवश्यक हुआ तो बाढ़ प्रभावितों को शरणालयों में सुरक्षित पहुंचा दिया जाएगा।
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