रिटायर फौजी इंद्र सिंह को साल में तीन से चार बार सर्पदंश की पीड़ा झेलनी पड़ती थी। यह सिलसिला 1991 से शुरू हुआ और 2010 तक चला। वर्ष 1991 में पहली बार इंद्रसिंह को ड्यूटी के दौरान सांप ने डसा। इसके बाद यूपी, पुंछ, राजौरी और किन्नौर समेत कई जगहों पर ड्यूटी के दौरान उन्हें सर्प दंश झेलना पड़ा। मगर हर बार इंद्रसिंह की जान बचती रही।
अलग-अलग थाना क्षेत्रों में एक किशारी समेत तीन लोग सर्पदंश के शिकार हो गए। सभी को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। थाना क्षेत्र अहिरौली अंतर्गत नरायनपुर गांव निवासी रामराज (23) शनिवार सुबह खेत में सर्पदंश का शिकार हो गया। उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।
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इसी थाना अंतर्गत रामनगर निवासिनी रेहाना खातून (16) शनिवार सुबह घर की साफ-सफाई करते समय सर्पदंश का शिकार हो गई। उसे पहले सीएचसी कटेहरी ले जाया गया, जहां से उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। वहीं, बसखारी थाना अंतर्गत दरियाबाद निवासी सूरज (19) को शनिवार सुबह खेत जाते समय सांप ने डस लिया। उसे पहले सीएचसी फिर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।