अंबेडकरनगर। शिक्षा के अधिकार अधिनियम (आरटीई) के पहले चरण में 252 गरीब बच्चों को लगभग 144 निजी स्कूलों में सीटों का आवंटन किया गया। आवेदन करने वाले 381 बच्चों में से जांच में विभिन्न कारणों से 129 बच्चे अपात्र मिले। बेसिक शिक्षा विभाग की तरफ से नियमानुसार लॉटरी का चयन कर इन बच्चों को विद्यालय का आवंटन कर दिया गया है।
आरटीई के तहत निजी स्कूलों में 25 प्रतिशत सीटें आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए आरक्षित हैं। इस बार लगभग 813 निजी स्कूलों में गरीब बच्चों का दाखिला होना है। इसी के तहत पहले चरण के लिए एक से 19 दिसंबर तक आवेदन प्रक्रिया हुई। इसमें 381 अभिभावकों ने बच्चों के दाखिले के लिए आवेदन किया। दस्तावेज सही न मिलने पर 129 छात्रों के फॉर्म निरस्त कर दिए गए। जांच के बाद केवल 252 बच्चों के ही आवेदन सही मिले। अब इन छात्रों को लॉटरी सिस्टम के जरिये सीटें आवंटित की गई हैं। लॉटरी सिस्टम के बाद चयनित बच्चों को विद्यालय का आवंटन कर दिया गया है। साथ ही अभिभावक से कहा गया है कि वे अपने बच्चों को समय से विद्यालय भेजें।
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आज से शुरू होगा दूसरे चरण का आवेदन
आरटीई के तहत दूसरे चरण के लिए एक से 19 जनवरी तक आवेदन की प्रक्रिया चलेगी। 20 से 23 जनवरी तक आवेदनों का सत्यापन होगा। 24 जनवरी को लॉटरी निकाली जाएगी। इसके बाद 27 जनवरी तक प्रवेश लिए जाएंगे। तीसरे चरण का आवेदन एक फरवरी से 19 फरवरी तक होगा। 20 फरवरी से 23 तक सत्यापन होगा। 24 फरवरी को लाॅटरी निकालने के बाद 27 को विद्यालय का आवंटन होगा। अंतिम चरण का आवेदन एक मार्च से 19 मार्च तक होगा। 20 से 23 मार्च तक आवेदनों की जांच होगी। 24 मार्च को लॉटरी निकालने के साथ ही 27 को विद्यालय का आवंटन कर दिया जाएगा।
पहले चरण के लिए पात्र पाए गए बच्चों को विद्यालय का आवंटन कर दिया गया है। अब एक जनवरी से दूसरे चरण के लिए आवेदन की प्रक्रिया शुरू होगी। इसके लिए जरूरी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। -बीपी सिंह, बीएसए