धीरेंद्र सिंह।स्रोत : सोशल मीडिया
अंबेडकरनगर। भाजपा की नई जिला कार्यकारिणी की घोषणा के बाद संगठन के भीतर अंतर्कलह और बाहर सियासी चर्चाएं तेज हो गई हैं। जिला उपाध्यक्ष की रेस में शामिल धीरेंद्र सिंह ने कार्यालय सहमंत्री पद दिए जाने से नाराज होकर इस्तीफा दे दिया है। वहीं, वर्ष 2022 में तत्कालीन उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के जनपद आगमन पर काला झंडा दिखाने वाले निखिल जायसवाल को जिला कार्यालय सह मंत्री की जिम्मेदारी दी गई है। इसपर भी कार्यकर्ताओं में नाराजगी है।
जिलाध्यक्ष दिलीप पटेल देव की संस्तुति पर दो दिन पहले भाजपा की जिला कार्यकारिणी का गठन किया गया है। इसमें कई पुराने चेहरों का प्रमोशन हुआ तो कई नए चेहरे भी शामिल हुए। भाजपा युवा मोर्चा के पूर्व जिला उपाध्यक्ष धीरेंद्र प्रताप सिंह ने संगठन की ओर से मिले दायित्व से त्यागपत्र दे दिया। जिलाध्यक्ष को भेजे पत्र में उन्होंने कहा कि वर्षों से संगठन के लिए समर्पित भाव से काम करने के बावजूद नए जिला संगठन में अपेक्षित जिम्मेदारी न मिलने से वह स्वयं को उपेक्षित महसूस कर रहे हैं।
वहीं, बसखारी निवासी निखिल जायसवाल की नियुक्ति पर भी सवाल उठ रहे हैं। निखिल भाजपा में कब और किस स्तर पर शामिल हुए और संगठन ने उन्हें महत्वपूर्ण जिम्मेदारी देने से पहले उनकी राजनीतिक पृष्ठभूमि को किस तरह परखा? काला झंडा दिखाने के बाद सपा के समर्थन में नारे लगाए जाने की चर्चा के बीच नई जिम्मेदारी ने पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
इनके अलावा लगातार दो कार्यकाल तक जिला उपाध्यक्ष रहे डॉ. रजनीश सिंह को नई जिला कार्यकारिणी में जगह नहीं मिलने से भी संगठन में चर्चा है। डॉ. रजनीश लंबे समय से भाजपा की जिला राजनीति में सक्रिय रहे हैं। वर्ष 2024 के सदस्यता अभियान में उन्होंने 11,612 लोगों को ऑनलाइन भाजपा की सदस्यता दिलाई थी। इनके अलावा पूर्व जिला मंत्री संजय सिंह, चंद्रिका, सुनील पासवान, इंद्रेश निशाद, जिला उपाध्यक्ष रमेश गुप्ता के नाम बाहर होने पर भी चर्चा तेज है।
कार्यकर्ताओं के बीच सवाल उठ रहा है कि संगठन में लंबे समय से सक्रिय और सदस्यता अभियान में उल्लेखनीय प्रदर्शन करने वाले पुराने चेहरे को बाहर करने का आधार क्या रहा और दूसरी ओर विवादित राजनीतिक अतीत वाले चेहरे को जिम्मेदारी देने की वजह क्या है?
धीरेंद्र सिंह।स्रोत : सोशल मीडिया