अंबेडकरनगर। थाना समाधान दिवस में फरियादियों को न्याय नहीं मिल पा रहा है। पुलिस के मामलोंं का तो किसी तरह निपटारा हो जाता है, लेकिन राजस्व के मामले निपटाए नहीं निपट रहे हैं। हर दिन राजस्व के मामले बढ़ते जा रहे हैं। जिले के 18 थानों में करीब एक हजार राजस्व के मामले लंबित चल रहे हैं। ऐसे में फरियादी पुलिस और तहसील प्रशासन के चक्कर काटने को मजबूर हैं। हर क्षेत्र में महिलाओं के काम प्राथमिकता पर किए जाते हैं, लेकिन थानों में महिलाओं को समाधान के लिए दौड़ लगानी पड़ती है। लेखपाल की ओर से गुनिया से की जाने वाली जमीन की नाप न होने के कारण लोग परेशान हैं।
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केस 1
समय : 11:00 बजे
फोटो-24
अकबरपुर कोतवाली क्षेत्र के शहजादपुर मोहल्ला की रीता गुप्ता ने बताया कि उनकी पुश्तैनी जमीन फत्तेपुर पकड़ी गांव में है। इसमें करीब 10 बिस्वा जमीन की वह हिस्सेदार है। पूर्व में इनके पट्टीदारों ने उनको पांच बिस्वा जमीन चिह्नित की थी। इसमें मिट्टी की पटाई का कार्य भी कराया था। समय के साथ जमीन कीमती हो गई। अब पट्टीदार उनको उनके हिस्से की जमीन देने को तैयार नहीं है।
केस 2
समय : 11:30 बजे
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थाना अहिरौली के हाथपकड़ गांव निवासी वृद्ध राजेंद्र प्रसाद पांडेय पिछले पांच वर्ष में 200 से अधिक बाद समाधान दिवस में अपनी जमीन पर कब्जा पाने के लिए शिकायत कर चुके हैं। न्यायालय से स्थगन आदेश के बावजूद उनकी जमीन पर विपक्षियों ने कब्जा कर लिया है। यही नहीं उसे भूमि पर बकायदा फसल भी उगा रहे हैं। कागज पर ही रिपोर्ट लगाकर जिम्मेदार अपना पल्ला झाड़ लेते हैं।
केस 3
समय: 12:05
फोटो- 26
जलालपुर कस्बा निवासी प्रदीप चंद्र जायसवाल ने थाना दिवस का शिकायत पत्र देते हुए बताया कि अपने मकान की मरम्मत का कार्य करा रहा हूं। विपक्षी कार्य को करने से रोक रहे हैं। इसको लेकर कई बार शिकायत करने के बाद भी समाधान नहीं मिल पा रहा है। समाधान नहीं मिला तो डीएम कार्यालय के समक्ष धरना प्रदर्शन करने पर बाध्य होना पड़ेगा।