बसखारी (अंबेडकरनगर)। अवसर किसी की राह नहीं देखता, बस उसे पहचानने की जरूरत होती है। बसखारी ब्लॉक के केशवपुर की रहने वाली रेनू त्रिपाठी ने इसे चरितार्थ किया है।
छह माह पूर्व इनके मन में स्वरोजगार को लेकर विचार आया तो इन्होंने इंटरनेट की मदद ली। रेनू को गाय के गोबर से दीपक बनाने का तरीका पता चला। पहले खुुद दीपक बनाना सीखा और कुछ दिनों बाद गांंव की अन्य महिलाओं को भी प्रशिक्षित कर उन्हें रोजगार का अवसर दिया। धार्मिक रूप से शुद्ध माने जाने वाले गाय के दीपक अब क्षेत्र में लोगों की पसंद बन गए हैं। इससे अब महिलाओं की आर्थिक स्थिति में भी काफी सुधार हुआ है।
सहकार भारती की महिला प्रमुख रेनू के मन में कुछ नया करने की इच्छा जाग्रत हुई तो इन्होंने यूट्यूब पर ही गोबर से दीपक बनाने का तरीका खोजना शुरू किया। तरीका अच्छा लगा तो इन्होंने अपने एक अन्य सहयोगी से चर्चा की। सबकुछ समझने के बाद इन्होंने ऑनलाइन गोबर के दीयों का सांचा मंगवाया और पहले अकेले ही वह इस कार्य में जुट गईं। धीरे-धीरे आसपास की महिलाएं भी उसमें सहयोग करने लगीं। पिछले नवरात्र में उन्होंने इस काम को पूरी शिद्दत के साथ शुरू किया। अब वह भिन्न-भिन्न के रंग-बिरंगे दीपकों का निर्माण कर कई महिलाओं को रोजगार दे रही हैं।
मिलने लगे ऑर्डर
एनटीपीसी से लेकर पूरे जिले में हर जगह दीपकों की सप्लाई हो रही है। इसमें दर्जनभर से अधिक महिलाएं लाभ पा रही हैं। लोगों के ऑर्डर पर गोबर के दीपक को पहुंचाने का कार्य भी किया जा रहा हैं। इससे गायों के गोबर का दीपक भी लोगों को जलाने के लिए उपलब्ध हो रहा है। दीपकों की सप्लाई के लिए लगातार ऑर्डर मिल रहे हैं।