अंबेडकरनगर। आरटीई योजना के तहत आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों के पंजीयन की प्रक्रिया 20 जनवरी से प्रारंभ होगी। 20 जून तक चलने वाली ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया चार चरणों में चलेगी। योजना के तहत 486 विद्यालयों में पात्र अभिभावक अपने तीन वर्ष से छह वर्ष आयु वर्ग के बच्चे का प्रवेश संबंधित विद्यालय में करा सकेंगे।
सर्व शिक्षा अभियान के तहत कोई भी बच्चा बेहतर शिक्षा हासिल करने से वंचित न रहे इसके लिए आरटीई योजना का संचालन केंद्र सरकार द्वारा किया जा रहा है। योजना के तहत आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के अभिभावक अपने तीन वर्ष से छह वर्ष तक के बच्चे का प्रवेश सहायता प्राप्त, मान्यता प्राप्त व निजी विद्यालयों में कक्षा एलकेजी या कक्षा एक में प्रवेश करा सकेंगे।
बीएसए कार्यालय के अनुसार जिले के 486 विद्यालयों में यह सुविधा उपलब्ध है। प्रत्येक विद्यालय में 25 प्रतिशत सीटें ऐसे बच्चों के लिए आरक्षित हैं। प्रवेश के लिए चार चरणों में ऑनलाइन आवेदन किया जा सकेगा। प्रथम चरण में 20 जनवरी से 18 फरवरी तक आवेदन होगा। बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा 19 फरवरी से 25 फरवरी तक सत्यापन के बाद छह मार्च को प्रवेश होगा।
एक मार्च से 30 मार्च तक दूसरे चरण का आवेदन होगा। एक अप्रैल से सात अप्रैल तक सत्यापन व 17 अप्रैल को प्रवेश लिया जाएगा। इसके बाद फिर 15 अप्रैल से आठ मई तक आवेदन, जबकि नौ मई से 15 मई तक सत्यापन व 23 मई को प्रवेश हो सकेगा। अंतिम चरण में एक जून से 20 जून तक आवेदन, जबकि 21 जून से 27 जून तक सत्यापन व सात जुलाई को प्रवेश होगा।
इन कागजात की होगी जरूरत
निवास प्रमाणपत्र, राशन कार्ड/आधार कार्ड,जन्म प्रमाणपत्र व शपथपत्र, सामान्य वर्ग, पिछड़ा वर्ग व अल्पसंख्यक के लिए एक लाख से कम का आय प्रमाणपत्र, जाति प्रमाणपत्र केवल अनुसूचित व अनुसूचित जनजाति के लिए, यदि बच्चा व उसकी माता दिव्यांग हैं तो दिव्यांग प्रमाणपत्र, यदि बच्चे के पिता का निधन हो चुका है तो मृत्यु प्रमाणपत्र व विधवा पेंशन कार्ड, यदि किसी बच्चे के माता व पिता गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं तो मेडिकल रिपोर्ट, बच्चे की नवीनतम फोटो व मोबाइल नंबर संबंधित साइट पर फीड करना होगा।
विद्यालयों को दिए गए निर्देश
जिले के 486 विद्यालयों में योजना लागू कराई जा रही है। इसका अधिकाधिक लाभ पात्र अभिभावकों को आवेदन के जरिए उठाना चाहिए। विभाग इसमें उनका पूरा सहयोग करेगा। -बीपी सिंह, बीएसए