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दुष्कर्म के आरोपी को 10 वर्ष की सजा

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अंबेडकरनगर। नौ वर्ष पूर्व बालिका को अपहृत कर लुधियाना ले जाने और दुष्कर्म करने के दोषी को अपर सत्र न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट फरीदा बेगम ने 10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही उस पर अलग-अलग धाराओं में कुल 35 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। इसके अलावा उसके सहयोगी अभियुक्त को 7 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। उस पर 15 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है।
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वर्ष 2012 में एक महिला ने मालीपुर थाने में अपनी पुत्री के अपहरण व दुष्कर्म समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज कराया था। महिला ने आरोप लगाया था कि उसकी 16 वर्षीय पुत्री को गांव की कुछ महिलाओं के सहयोग से नशीला पदार्थ खिलाकर हाजीपुर निवासी लालमणि व वरुण यादव ने अपहरण कर लिया। वह अपने साथ 50 हजार की नकदी के अलावा हजारों रुपये के आभूषण भी ले गई। 10 नवंबर 2012 को वरुण उसे लेकर वापस गांव लौटा। इसके बाद उसकी पुत्री ने घटनाक्रम के बारे में जानकारी दी।
पुलिस ने मामले में मामले में केस दर्ज कर आरोपी लालमणि व वरुण को जेल भेजा। इस बीच मामला सत्र परीक्षण के लिए अपर सत्र न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट फरीदा बेगम के समक्ष प्रस्तुत हुआ। घटना में वरुण अपहरण सहित दुष्कर्म का दोषी पाया गया। न्यायाधीश ने उसे 10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। साथ ही अलग-अलग मामलों में उसे पर 35 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया। आदेश में कहा कि जुर्माने की रकम न अदा करने पर दो माह के अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी। इसके अलावा न्यायाधीश ने उसके सहयोग लालमणि को सात वर्ष के सश्रम कारावास की सजा से दंडित किया। उसके ऊपर 15 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया। कहा कि यदि जुर्माने की रकम न अदा की गई तो एक माह के अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी।
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