जिले की विभिन्न मस्जिदों में इफ्तार के बाद विशेष नमाज तराबीह अदा की गई, उधर पर्व के मद्देनजर छोटी बड़ी बाजारों में सुबह से ही रौनक रही। लोगों ने खजूर, सेवई, लच्छे व चिप्स की बढ़ चढ़कर खरीददारी की।
एक माह तक चलने वाले रमजान के मद्देनजर जिले में इबादतों का दौर तेज हो गया है। जिला मुख्यालय सहित ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित छोटी बड़ी मस्जिदों में रमजान की विशेष नमाज तराबीह अदा की गई। इसमें बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया। शहर इमाम हाफिज शकील अख्तर ने बताया कि रमजान माह में तराबीह का विशेष स्थान है।
इसमें प्रतिदिन कुरान का पाठ किया जाता है। कहा कि रोजा रखने के बाद तराबीह में भाग लेने से सवाब कई गुना बढ़ जाता है। कहा कि कई दशक बाद ऐसा मौका आया है, जब रोजे की समयावधि 16 घंटे से अधिक है। कहा कि जितनी तेज गर्मी में रोजा रखा जाए, उतना ही अधिक सबाब मिलता है। यह माह इबादतों का माना गया है।
इसलिए अधिक से अधिक लोगों को इबादत करनी चाहिए। कोई भी ऐसा कार्य नहीं करना चाहिए, जो अल्लाह की निगाह में गलत हो। शिया धर्मगुरु मौलाना सै. शुजा हैदर जैदी ने लोगों से कहा कि वर्ष भर में जितने भी गुनाह किए हैं, उसे बख्शवाने का सबसे सही अवसर यही है। अल्लाह इस माह में अपने बंदों के लिए रहमतों के दरवाजे खोल देता है। कहा कि रोजा सभी बालिग पर वाजिब है। यदि कोई बीमार है, तो उस पर रोजा वाजिब नहीं है। ठीक होने के बाद उसे रोजा रखना होगा।
जिला मुख्यालय के विभिन्न मस्जिदों में नमाज अदा करने के बाद लोगों ने अपने अपने घरों में पहुंचकर भी विशेष दुआ की। ग्रामीण क्षेत्रों में भी यह सिलसिला चला। टांडा प्रतिनिधि के अनुसार शहरी व ग्रामीण क्षेत्र की मस्जिदों में रमजान की विशेष नमाज प्रमुखता से अदा हुई। जलालपुर, आलापुर, भीटी, मालीपुर, इल्तिफातगंज, बसखारी व जहांगीरगंज आदि प्रतिनिधियों के अनुसार क्षेत्र में रमजान की नमाज अदा करने को लेकर खासी गहमा गहमी रही।