जमुनीपुर (अंबेडकरनगर)। अकबरपुर के सिद्ध कंकणेश्वर महादेव मंदिर ककरडिल्ला में शुक्रवार को कलशयात्रा के साथ श्रीराम कथा ज्ञान यज्ञ का शुभारंभ हुआ। इस मौके पर महिलाएं लाल-पीले वस्त्र धारण कर कलश लेकर पूरे गांव का भ्रमण कर वापस मंदिर पहुंचीं।
यहां अयोध्या से आए प्रवाचक जगजीवन महाराज व पुजारी आकाश दुबे ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच कलश की स्थापना कराई। कलश पूजन के साथ आरती की गई। शाम को श्रीराम कथा का रसपान कराया गया। प्रवाचक ने बताया कि जब भी किसी से प्रेम स्थापित करना हो तो सर्वप्रथम उसके बारे में जानना आवश्यक है। रामकथा कलयुग में भगवत प्राप्ति का सबसे सरल साधन है, जो कानों के माध्यम से व्यक्ति के मन में प्रवेश करती है। इससे भगवान की छवि मन में बैठ जाती है और भगवत दर्शन की लालसा पैदा करती है।
गुरु खोजे नहीं जाते, गुरु का दर्शन किया जाता है। उन्होंने राम नाम की महिमा बताते हुए कहा कि कलयुग में योग, यज्ञ, जप, तप, व्रत, पूजा जैसे साधना के कठिन मार्ग संभव नहीं है। केवल भगवान के नाम का सुमिरन ही भवसागर से पार कर सकता है। भगवान के सहस्त्रनाम हैं और कोई भी नाम जपा जा सकता है।
इसी प्रसंग में उन्होंने माता सती के अभिमान और बिन बुलाए अपने पिता के यज्ञ में जाने और भगवान शंकर का अपमान होने पर योग अग्नि के द्वारा अपने शरीर को जलाकर भस्म करने की कथा सुनकर श्रोताओं का हृदय द्रवित हो गया। इस मौके पर निशा तिवारी, निशा राजभर, आशा देवी, रीतू दुबे, अंशमाली दुबे, सिद्धांत, राजेश दुबे समेत अन्य लोग मौजूद रहे।