अंबेडकरनगर। विधानसभा चुनाव में जीत का बड़ा रिकार्ड बहुजन समाज पार्टी के नाम है। 1993 के विधानसभा चुनाव में अकबरपुर से रामअचल राजभर ने 39 हजार से अधिक, तो कटेहरी में रामदेव वर्मा ने बतौर बसपा प्रत्याशी 40 हजार से अधिक मतों से चुनाव जीतकर विधायक बनने की सफलता हासिल की थी। यह वह वर्ष था, जब बसपा ने अंबेडकरनगर की सभी पांच सीटों पर बड़ी धाक जमाई थी।
वर्ष 2012 के चुनाव में सपा प्रत्याशी भीमप्रसाद सोनकर ने जहांगीरगंज से 30 हजार से अधिक वोट से जीत दर्ज कर विधानसभा की राह देखी थी। अकबरपुर से सीपीएम प्रत्याशी अकबर हुसैन बाबर व टांडा से सपा प्रत्याशी अजीमुलहक पहलवान भी 27 हजार से अधिक मतों से जीत दर्ज करने वाले प्रत्याशियों में शामिल रहे हैं। विधानसभा चुनाव के मौजूदा दौर में तमाम पुराने चुनाव की याद फिर से ताजा हो चली है। इसमें एक बड़ी रोचक जानकारी यह है कि विधायक बनने के साथ ही बसपा प्रत्याशियों के नाम सर्वाधिक अंतर से जीत दर्ज करने का रिकार्ड दर्ज है।
वर्ष 1993 के विधानसभा चुनाव में कटेहरी के बसपा प्रत्याशी रामदेव पटेल (अब दिवंगत) ने 65 हजार 157 मत पाकर भाजपा के अनिल तिवारी को 40 हजार 672 मत के अंतर से पराजित किया था। इसके बाद भारी अंतर से जीत दर्ज करने का इतिहास अकबरपुर के विधायक बने रामअचल राजभर ने 1993 में रचा था। बसपा प्रत्याशी के तौर पर उन्होंने शिवसेना प्रत्याशी पवन पाण्डेय को 39 हजार 441 मत से पराजित किया था। रामअचल को उस चुनाव में 66 हजार 323 मत मिले थे।
बड़े अंतर से जीत दर्ज करने का रिकार्ड सपा प्रत्याशी भीमप्रसाद सोनकर (अब दिवंगत) ने तत्कालीन जहांगीरगंज सुरक्षित सीट पर वर्ष 2012 में बनाया था। उन्होंने 79 हजार 846 मत पाकर बसपा के त्रिभुवनदत्त को 30 हजार 23 मत से पराजित किया था। त्रिभुवन को 49 हजार 823 मत मिले थे। अकबरपुर से ही सपा प्रत्याशी राममूर्ति वर्मा 2012 के चुनाव में 91 हजार 126 मत पाकर विधायक बनने की सफलता हासिल की थी। उनकी जीत का अंतर 26 हजार 286 मत का था। दूसरे स्थान पर रहे बसपा के संजय राजभर को 64 हजार 840 मत मिल पाए थे।
अकबरपुर से सीपीएम प्रत्याशी के तौर पर विधायक बने अकबर हुसैन बाबर ने वर्ष 1984 के चुनाव में कांग्रेस के प्रियदर्शी जेतली को 27 हजार 852 मतों के अंतर से पराजित किया था। सपा के टांडा प्रत्याशी रहे अजीमुलहक पहलवान (अब दिवंगत) ने वर्ष 2012 के चुनाव में 83 हजार 249 मत पाकर बसपा के विशाल वर्मा को 27 हजार 521 मतों से पराजित किया था। वर्ष 1993 में जहांगीरगंज सीट पर बसपा के घामूराम भाष्कर (अब दिवंगत) 63 हजार 787 मत पाकर विधायक बने थे।
उनकी जीत का अंतर 23 हजार 571 था। जलालपुर से 1989 के चुनाव में बसपा के रामलखन वर्मा ने कांग्रेस प्रत्याशी शेरबहादुर को 20 हजार 28 मत से, तो वर्ष 1996 के चुनाव में बीजेपी प्रत्याशी के तौर पर शेरबहादुर सिंह ने बसपा के सईद खान को 19 हजार 7 मतों से पराजित किया था। टांडा में वर्ष 1993 के चुनाव में बसपा प्रत्याशी मसूद अहमद 61 हजार 374 मत पाकर विधायक बने थे। उनकी जीत का अंतर 21 हजार 172 था। दूसरे स्थान पर रहे भाजपा के केशवराम वर्मा को 40 हजार 202 मत प्राप्त हो सके थे।