टांडा मार्ग के अलावा जौहरडीह मार्ग पर भी चलना इन दिनों कसी बड़ी मुसीबत से कम नहीं। जलनिकासी की समुचित व्यवस्था न होने से नाले व नालियों का गंदा पानी पटरियों से होता हुआ सड़क पर पहुंच जाता है। इससे पटरियों पर चारों तरफ कीचड़ ही कीचड़ है।
बारिश के चलते अब वही मिट्टी व पत्थर आम लोगों के लिए बड़ी मुसीबत का सबब बन गया है। सबसे ज्यादा नारकीय स्थिति तो बस स्टेशन क्षेत्र में है। पानी न बरसने पर दिनभर उडने वाली धूल से लोगों को कठिनाई हो रही है, तो बरसात हो जाने पर जबरदस्त कीचड़ से आवागमन प्रभावित हो रहा है।
खास बात यह कि प्रशासन को अब नागरिक हितों की कोई परवाह ही नहीं। राज्यपाल का कार्यक्रम निपटने के बाद जैसे उसे अब आम लोगों की सुविधाओं या अपनी जिम्मेदारी महसूस करने की फुरसत ही नहीं। बस स्टेशन के अलावा टांडा मार्ग पर जगह जगह गड्ढे, कीचड़ व जलभराव ने खासी मुसीबत खड़ी कर रखी है।