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निजीकरण के विरोध में बिजली विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों ने किया कार्य बहिष्कार

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फोटो 9, अंबेडकरनगर विद्युत कार्यालय पर विभाग के निजीकरण के विरोध में धरने पर बैठे विद्युतकर्मी। - फोटो : AMBEDKAR NAGAR
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अंबेडकरनगर। पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के निजीकरण के विरोध में विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के तत्वावधान में विद्युत कर्मचारियों ने गुरुवार को भी हक की आवाज बुलंद की। जिले के समस्त विद्युत उपकेंद्रों पर कर्मचारियों ने दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक कार्य बहिष्कार कर प्रदर्शन करते हुए कहा कि निजीकरण कर सरकार पूंजीपतियों को आर्थिक लाभ पहुंचाना चाहती है। ऐसा होने से न सिर्फ कर्मचारियों के भविष्य पर अंधकार के बादल छाने की आशंका है, बल्कि उपभोक्ताओं को भी विभिन्न प्रकार की मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा।
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अकबरपुर विद्युत उपकेंद्र परिसर में समिति अध्यक्ष महेंद्र कुमार त्यागी ने कहा कि जिस प्रकार से पॉवर कॉरपोरेशन को निजी हाथों में देने की तैयारी चल रही है, वह अत्यंत चिंताजनक है। विद्युत कर्मचारी ऐसा कभी नहीं होने देंगे। इसका पूरी मजबूती के साथ विरोध किया जाएगा। कहा कि निजी हाथों में जाने से कर्मचारियों के भविष्य पर अंधकार के बादल छा सकते हैं। इसके साथ ही उपभोक्ताओं पर भी अतिरिक्त भार पड़ेगा। बिजली महंगी हो जाएगी और महंगाई में वृद्धि होगी। कहा कि ऐसे समय में निजीकरण प्रक्रिया शुरू की गई है, जब विभाग घाटे में नहीं है। ऐसे में कर्मचारियों व उपभोक्ताओं के हित को देखते हुए निजीकरण प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाई जाए। चेतावनी देते हुए कहा कि यदि शीघ्र ही इस तरफ ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो बड़ा आंदोलन छेड़ने के लिए मजबूर होंगे।
उधर विद्युतनगर प्रतिनिधि के अनुसार अधिशाषी अभियंता एके सिंह के नेतृत्व में कर्मचारियों ने निजीकरण का विरोध करते हुए प्रक्रिया पर रोक लगाए जाने की मांग की। कहा गया कि सरकार पूंजीपतियों को लाभ दिलाने के लिए लाभ में चल रहीं सरकारी कंपनियों को सरकार निजीकरण करना चाहती है। कहा कि निजीकरण होने से बिजली महंगी हो जाएगी। इससे भ्रष्टाचार बढ़ेगा। ऐसे में सरकार इसे अविलंब वापस ले। इस दौरान विनय त्रिपाठी, आशीर्वाद विश्वकर्मा, मनीष यादव, रविशंकर निषाद, अशोक कुमार, प्रवीण कुमार, श्रीनाथ, गणेश प्रजापति आदि मौजूद रहे।
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