अंबेडकरनगर। बिजली विभाग द्वारा राहत दिलाने के लिए लगाए गए स्मार्ट मीटर अब उपभोक्ताओं के लिए मुसीबत का सबब बनते दिख रहे हैं। विभाग की तरफ से ट्रायल के बतौर जिन 436 उपभोक्ताओं के घरों में प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगाए गए हैं, इनमें से ज्यादातर ने रीडिंग में गड़बड़ी आने की शिकायत जिम्मेदारों से की है। बिजली विभाग के अधिशासी अभियंता ने गड़बड़ी दूर कराने के लिए कार्यदायी संस्था को पत्र भेजा है।
बिजली उपभोक्ताओं होने वाली बिजली बिल संबंधित दिक्कत दूर करने के लिए विभाग की तरफ से बीते दिनों प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगाए जाने की प्रक्रिया शुरू की गई है। इसके लिए जयपुर की कार्यदायी संस्था पोलरिस स्मार्ट के माध्यम से बिजली उपकेंद्र अकबरपुर क्षेत्र के एलआईसी फीडर से जुड़े 436 उपभोक्ताओं के घरों में स्मार्ट मीटर लगाने का काम किया गया है।
मीटर लगने के बाद भी संबंधित उपभोक्ताओं की बिजली बिल से जुड़ी समस्याएं दूर होने की बजाए और बढ़ गई हैं। सुचारु तौर पर मीटर रीडिंग का काम न हो पाने से मनमानी रीडिंग के आधार पर तैयार बिजली बिल उपभोक्ताओं को थमाया जा रहा। उपभोक्ताओं का कहना है कि इसमें प्रयोग किए जाने वाली बिजली से कहीं अधिक यूनिट खर्च का उल्लेख किया जा रहा है। इससे ज्यादा धनराशि का बिजली बिल चुकाने से जेब पर अतिरिक्त बोझ भी पड़ रहा है।
क्षेत्रीय उपभोक्ता राकेश कुमार व अरविंद ने नाराजगी भरे अंदाज में बताया कि कार्यदायी संस्था ने मीटर लगाने के बाद पलटकर यह भी नहीं देखा कि वह ठीक से काम कर रहा अथवा नहीं। इस कारण कम बिजली खर्च होने पर ही बिजली बिल अधिक राशि का आ रहा है। सभी ने अपनी परेशानी लिखित तौर पर अधिशासी अभियंता से मिलकर दर्ज कराई है। अधिशासी अभियंता अकबरपुर संदीप श्रीवास्तव ने बताया कि इस संबंध में कार्यदायी संस्था को पत्र भेजकर समस्या के त्वरित निस्तारण के लिए निर्देशित किया गया है।