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मेडिकल कॉलेज को बिना आर्डर भेज दीं पीपीई किट

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अंबेडकरनगर। राजकीय मेडिकल कॉलेज सद्दरपुर में मनमाने ढंग से पीपीई किट की आपूर्ति करने का मामला सामने आया है। बिना आर्डर के ही एक हजार पीपीई किट की आपूर्ति कर देने वाली संस्था द्वारा भुगतान का दबाव बनाया जा रहा है। संबंधित संस्था के एक कर्मी ने वायरल ऑडियो में प्राचार्य पर धमकाने का आरोप लगाया है, जबकि प्राचार्य का कहना है कि पीपीई किट खरीदने के लिए संबंधित संस्था अधिकृत ही नहीं है। उसे कोई आर्डर भी नहीं दिया गया था। सभी किट दो दिन पहले वापस लेकर चले जाने के बाद अब मामले को मनगढ़ंत ढंग से प्रस्तुत किया जा रहा है।
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राजकीय मेडिकल कॉलेज सद्दरपुर में पीपीई किट को लेकर सोशल मीडिया पर घमासान मचा हुआ है। मामला कुछ यूं है कि लगभग छह माह पूर्व वाराणसी की एक संस्था ने मेडिकल कॉलेज को एक हजार पीपीई किट भेजी थीं। उस किट के बदले भुगतान का प्रयास किया गया, लेकिन सफलता नहीं मिल पाई। अब उसी संस्था के एक कर्मी का ऑडियो वायरल हो रहा है जिसमें प्राचार्य उसे दोबारा फोन न करने की हिदायत दे रहे हैं। इसी में प्राचार्य द्वारा पिटाई करने की चेतावनी दी जा रही है।
यह ऑडियो वायरल होने पर छानबीन हुई तो फिलहाल अवैध ढंग से पीपीई किट की आपूर्ति करने और नाजायज ढंग से भुगतान का दबाव बनाने का मामला सामने आया है। प्राचार्य डॉ. संदीप कौशिक कहते हैं कि लगभग छह माह पूर्व पीपीई किट एक संस्था ने बिना किसी आर्डर के ही भेज दी थीं। उसके पास आपूर्ति संबंधी किसी तरह का कोई आर्डर नहीं है। वह संस्था ओरिजनल इक्यूपमेंट निर्माता भी नहीं है। ऐसे में न तो वह संस्था पीपीई किट की आपूर्ति कर सकती है और न ही उसे भुगतान किया जा सकता है। पूरे प्रकरण से जिला प्रशासन को अवगत करा दिया गया है।
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भुगतान न होने पर वापस हुई किट
मेडिकल कॉलेज को भेजी गई पीपीई किट के बदले भुगतान कराने के बहुत प्रयास हुए। इसमे कुछ प्रभावशाली लोग भी शामिल हुए, लेकिन सफलता नहीं मिली। प्राचार्य ने बताया कि इस पर दो दिन पहले संस्था के लोग आए और चीफ फार्मासिस्ट केके गुप्ता से सभी किट सुरक्षित प्राप्त कर वापस ले गए।
मैंने नहीं दी धमकी
मेरी ओर से कोई धमकी नहीं दी गई। मनमाने ढंग से किट भेजे जाने के बाद उसके भुगतान का प्रयास किया जा रहा था। संस्था के लोग यहां आकर कर्मचारियों को धमका रहे थे। उसी लिए उन्हें आगाह किया था।
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डॉ. संदीप कौशिक, प्राचार्य मेडिकल कॉलेज
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