अंबेडकरनगर। रविवार रात तेज हवा और बारिश के बीच बिजली गिरने से जिले की बिजली व्यवस्था चरमरा गई। इंसुलेटर फुंकने, ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त होने और तारों पर पेड़ की टहनियां गिरने से महरुआ क्षेत्र के 70 से अधिक गांवों में करीब छह घंटे बिजली आपूर्ति ठप रही। उमस भरी गर्मी और अंधेरे के बीच ग्रामीणों को रात जागकर गुजारनी पड़ी। महरुआ क्षेत्र सबसे अधिक प्रभावित रहा।
महरुआ उपकेंद्र से छह फीडरों के जरिये बिजली आपूर्ति होती है। रविवार रात करीब आठ बजे रघुनाथपुर में 33 हजार वोल्ट की मुख्य लाइन के इंसुलेटर पर बिजली गिरने से वह क्षतिग्रस्त हो गया। इससे पूरे क्षेत्र की आपूर्ति बाधित हो गई। बारिश के कारण फाल्ट तलाशने और उसे ठीक करने में बिजली कर्मियों को काफी मशक्कत करनी पड़ी।
रात करीब 10 बजे कर्मचारी फाल्ट की तलाश में निकले तो इंसुलेटर के क्षतिग्रस्त होने की जानकारी हुई। इसे ठीक करने के बाद भी कई स्थानों पर तारों पर पेड़ की टहनियां गिरने से आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी। फाल्ट दुरुस्त करने के बाद रात करीब दो बजे बिजली आपूर्ति सामान्य हो पाई।
बिजली कटौती से हीडीपकड़िया, बरामदपुर जरियारी, चक्रसेनपुर, सस्पना, सरखने, किशुनीपुर, आदमपुर तिंदौजी, पतौना और आनंदनगर समेत 70 से अधिक गांव प्रभावित रहे। वहीं, बरवा बैरमपुर बिजलीघर से जुड़े नाका चुंगी, तमसा मार्ग और इंद्रलोक कॉलोनी समेत करीब 10 मोहल्लों में भी बिजली की आंख-मिचौली से लोग परेशान रहे।
अधीक्षण अभियंता रजनीश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि बारिश और बिजली गिरने से कई स्थानों पर फाल्ट हुए थे। सभी फाल्ट दुरुस्त कराकर आपूर्ति बहाल करा दी गई है।
बिजली गिरने से पांच ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त
महरूआ के मदनपुर गांव में लगा 63 केवीए और पतौना का 16 केवीए ट्रांसफार्मर बिजली गिरने से क्षतिग्रस्त हो गया। शिवबाबा में भी 63 केवीए ट्रांसफार्मर पर बिजली गिरी। वहीं, जलालपुर के नेवादा में दो स्थानों पर बिजली गिरने से खंभों पर लगे 16-16 केवीए के ट्रांसफार्मर धराशायी हो गए। इससे संबंधित क्षेत्रों की बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई।