अंबेडकरनगर। ग्राम सभाओं में गरीबों के उत्थान के लिए पंचायती राज विभाग की ओर से बड़ी पहल हुई है। जीरो पावर्टी योजना के तहत प्रत्येक गांव से कुल 25 ऐसे परिवारों का चयन कर उन्हें विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित कराने का निर्णय हुआ है। पात्रों को चिह्नित करने के लिए प्रत्येक गांव के लिए दो-दो समितियों के गठन के साथ ही सर्वे भी शुरू करा दिया गया है।
एक समिति गरीबों के चिह्नांकन का काम करेगी तो दूसरी ग्राम स्तरीय समिति उसका सत्यापन कर डाटा खंड विकास अधिकारी कार्यालय को अग्रसारित करेगी। जिले में कुल 899 ग्राम पंचायतें हैं। हर ग्राम पंचायत से 22-25 परिवारों का चयन करना है। कुल 22475 परिवारों के चयन का लक्ष्य निर्धारित है। इन्हें अब तक सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिला है। इन परिवारों को केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित कराया जाएगा।
निर्धनतम परिवारों का चयन चार मानकों पर किया गया है। पहला आवासहीन। दूसरा कच्चा मकान होना। तीसरा भूमिहीन और चौथा दिहाड़ी मजदूरी से गुजारा करने वाला परिवार है। चारों मानकों के साथ यह भी देखा जाएगा कि किसी सरकारी योजना का लाभ मिला है या नहीं। गांव में इन गरीबों के चिह्नांकन के लिए ग्राम पंचायत कर्मचारी की गणनाकार टीम गठित की गई है। इसमें रोजगार सेवक, पंचायत सहायक, समूह सखी और बीसी सखी को नामित किया गया है। इनके द्वारा चिह्नित परिवारों के सत्यापन करने के लिए भी ग्राम पंचायत स्तरीय समिति का गठन हो रहा है। इसमें वर्तमान ग्राम प्रधान, पूर्व ग्राम प्रधान, गांव में संचालित सरकारी विद्यालय के हेडमास्टर, दो सबसे पुराने स्वयं सहायता समूहों के अध्यक्ष या फिर आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता शामिल रहेंगे। सत्यापन के बाद डाटा फीडिंग के लिए खंड विकास अधिकारी कार्यालय को भेज दिया जाएगा। इस कार्य मेंं तेजी लाने के लिए बीते दिनों अधिकारियों के साथ बैठक कर उन्हें निर्देशित किया गया है।
जीरो पावर्टी अभियान के तहत ग्राम सभा के अति निर्धन परिवारों को चिह्नित किया जा रहा है। इस योजना से ग्राम पंचायतों में रहने वाले अति निर्धन परिवारों का उत्थान होगा। कोई भी गरीब योजनाओं से वंचित नहीं रहने पाएगा। -आनंद शुक्ल, मुख्य विकास अधिकारी