राजेसुल्तानपुर (अंबेडकरनगर)। जहांगीरगंज पुलिस को महाराष्ट्र में रहकर एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे छात्र व एक किशोर से भी शांतिभंग की आशंका हैं। दोनों को पाबंद किए जाने का नोटिस घर पहुंचा तो परिजनों व ग्रामीणों ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए और नाराजगी भी जतायी। कहा कि यह पुलिस की मनमानी कार्यशैली का परिणाम है। परिजनों ने एसपी से अविलंब इसमें सुधार कराने की मांग की है।
इन दिनों जनपद पुलिस चुनाव में अशांति फैलाने वाले असामाजिक तत्वों को शांतिभंग की आशंका में पाबंद कर रही है। इसी प्रक्रिया में जहांगीरगंज पुलिस की हैरतअंगेज कार्रवाई सामने आयी है। हड़बड़ी ऐसी कि पुलिस को अब एमबीबीएस छात्र व किशोर से भी समाज में अशांति फैलने का खतरा उत्पन्न हो गया है। बीते दिन दोनों के परिजनों को पुलिस की ओर से की गई पाबंद की कार्रवाई का नोटिस मिला तो उनके होश उड़ गए। पुलिस ने जहांगीरगंज थाना क्षेत्र के परमेश्वरपुर ग्राम पंचायत के मजरा सुतहरपारा निवासी हरीश कुमार को पाबंद करने का नोटिस भेजा है।
बताया जाता है कि हरीश महाराष्ट्र में रहकर एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहा है। वह ज्यादा समय महाराष्ट्र में ही रहता है। ऐसे में पुलिस को उससे अशांति का खतरा कैसे उत्पन्न हो गया, यह बात परिजनों की समझ में नहीं आ रही है। पुलिस की लापरवाही यहीं तक सीमित नहीं है। पुलिस टीम को इसी गांव के 15 वर्षीय वीरेंद्र से भी शांतिभंग की आशंका है। पुलिस ने उसे भी शांतिभंग की आशंका में पाबंद किया है।
परिजनों को जब यह नोटिस मिला तो उन्होंने कड़ी नाराजगी जतायी। परिजनों न एसपी आलोक प्रियदर्शी से मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है। उधर, सीओ आलापुर जगदीशलाल टमटा का कहना है कि उन्हें ऐसी कोई शिकायत नहीं मिली है। यदि ऐसा कोई मामला होगा तो जांच कर समुचित कार्रवाई की जाएगी।