अंबेडकरनगर। अवकाश की पूर्व सूचना नहीं मिलने से सोमवार को दिव्यांग प्रमाणपत्र बनवाने पहुंचे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। कार्यालय पहुंचने पर अवकाश की जानकारी हुई तो उन्हें बिना प्रमाण पत्र बनवाए ही वापस लौटना पड़ा। इससे दूर-दराज से आए लोगों का समय और पैसा दोनों बर्बाद हुए। कुछ लोगों ने बताया कि जानकारी के अभाव में उन्हें घंटों इंतजार करना पड़ा।
सोमवार सुबह से ही दिव्यांग प्रमाण पत्र बनवाने के लिए लोग कार्यालय पहुंचने लगे थे। इनमें कई लोग करीब 60 किलोमीटर दूर से आए थे। उन्हें उम्मीद थी कि सोमवार को प्रमाण पत्र बन जाएगा, लेकिन कार्यालय में अवकाश होने के कारण कामकाज नहीं हो सका। इससे लोगों को निराश होकर लौटना पड़ा।
लोगों का कहना था कि यदि अवकाश की सूचना पहले ही दे दी जाती तो उन्हें बेवजह आने-जाने की परेशानी नहीं उठानी पड़ती। खासकर दूरदराज के गांवों से आने वाले लोगों को अधिक दिक्कत हुई। लोगों ने संबंधित विभाग से मांग की कि अवकाश की जानकारी पहले से सार्वजनिक की जाए। साथ ही कार्यालय के बाहर सूचना चस्पा करने और अन्य माध्यमों से लोगों को जानकारी देने की व्यवस्था की जाए, जिससे उन्हें परेशानी न हो।
दो घंटे इंतजार के बाद मिली अवकाश की जानकारी : भीटी क्षेत्र के सेनपुर गांव निवासी बाबूराम ने बताया कि हर सोमवार को कार्यालय में दिव्यांग प्रमाण पत्र बनाया जाता है। इसी वजह से वह अपने बच्चे का प्रमाण पत्र बनवाने आए थे, लेकिन कार्यालय बंद होने से उनका काम नहीं हो सका। वहीं, राजेसुल्तापुर से आईं सकीना खातून ने बताया कि उन्होंने पहले जानकारी की थी, लेकिन उन्हें अवकाश के बारे में नहीं बताया गया। कार्यालय पहुंचने के बाद करीब दो घंटे इंतजार करना पड़ा। इसके बाद अवकाश की जानकारी मिली। आने-जाने में उनके करीब 300 रुपये खर्च हो गए।