अंबेडकरनगर। जिले में सोमवार को गर्मी का कहर चरम पर रहा। चिलचिलाती धूप और गर्म लू के थपेड़ों की वजह से लोग घरों में दुबके रहे। दोपहर के समय शहर की सड़कें वीरान रहीं। वहीं, खेतों में किसान इसी गर्मी के बीच गेहूं की मड़ाई करते नजर आए। सोमवार को अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।दोपहर के समय चिलचिलाती धूप से आमतौर पर व्यस्त रहने वाले अकबरपुर, टांडा, आलापुर, जलालपुर जैसे क्षेत्रों की मुख्य सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा। गर्मी से बचने के लिए लोग सिर पर गमछा, चेहरों पर मास्क और आंखों पर चश्मे लगाए नजर आए। स्कूल से छुट्टी के बाद लौटे छात्र सीधे घरों में समा गए। बच्चों की खेलकूद की जगहें सूनी रहीं और मोहल्लों में सामान्य चहलकदमी भी कम हो गई।
इधर, ग्रामीण क्षेत्रों में गेहूं की मड़ाई तेजी से हो रही है। तेज धूप और गर्म हवाओं के बावजूद किसान खेतों में पसीना बहा रहे हैं। किसानों ने खेतों के किनारे पेड़ों की छांव या टेंट लगाकर पानी व विश्राम की व्यवस्था की है। मड़ाई के दौरान उड़ती धूल और चिलचिलाती धूप ने मजदूरों की परेशानी को और बढ़ा दी है। फिर भी समय पर फसल संग्रह के लिए किसान लगातार मेहनत में जुटे हुए हैं।
गर्मी के साथ बिजली की आंख-मिचौली लोगों के लिए दोहरी परेशानी का कारण बनी रही। उमस भरे माहौल में लोगों को राहत की बजाय बेचैनी झेलनी पड़ी। ग्रामीण अंचलों में भी बिजली की आपूर्ति अनियमित रही। गर्मी से राहत पाने के लिए लोगों ने गन्ने का रस, नींबू पानी, शिकंजी और पैक्ड ड्रिंक का सहारा लिया। कुल्फी और आइसक्रीम की दुकानों पर भीड़ देखने को मिली।
इधर, स्वास्थ्य विभाग और चिकित्सकों ने गर्मी और लू से बचाव के लिए नागरिकों से सतर्क रहने की अपील की है। विशेषकर बुजुर्ग और बच्चे को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग के अनुसार, आगामी दो से तीन दिन तक तापमान में और वृद्धि हो सकती है। आंशिक बदली के बावजूद बारिश की कोई संभावना नहीं जताई गई है। विशेषज्ञों ने चेताया है कि दिन के 11 बजे से शाम 4 बजे तक बिना आवश्यक कारण के बाहर निकलने से बचा जाए।