प्रधान डाकघर अकबरपुर में आधार कार्ड बनवाने में कम नहीं हो रहीं लोगों की दिक्कतें, मनमानी का आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी
अंबेडकरनगर। आधार कार्ड को लेकर अभी भी जिले में लोगों की मुश्किलें चरम पर हैं। सोमवार सुबह आधार कार्ड बनवाने के लिए प्रधान डाकघर अकबरपुर व बैंक ऑफ बड़ौदा पहुंचे दर्जनों लोगों को निराश होना पड़ा। यहां भोर से ही पहुंच जाने के बाद भी आधार नहीं बन पाया। लोगों की शिकायत है कि प्रतिदिन 30 से 40 लोगों का ही आधार कार्ड बनाया जाता है। बाकी लोगों को वापस कर दिया जाता है।
आधार कार्ड बनवाना अभी भी लोगों के लिए टेढ़ी खीर बनी हुई है। भोर से ही लोग इसके लिए न सिर्फ डाकघर बल्कि संबंधित बैंक के बाहर लाइन लगाकर खड़े हो जाते हैं लेकिन इसके बाद भी ज्यादातर को मायूसी ही हाथ लगती है। सोमवार को भी कुछ ऐसा ही हुआ। भोर में लगभग साढ़े तीन बजे से ही लोग अकबरपुर नगर स्थित प्रधान डाकघर के बाहर लाइन लगाकर खड़े हो गए।
सुबह नौ बजे जानकारी दी गई कि 40 लोगों ने आवेदन कर दिया है। ऐसे में अब किसी का आवेदन नहीं लिया जाएगा। इसके बाद लोगों का रुख निकट स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा की तरफ हो गया। वहां पहले से ही लोग लाइन लगाकर खड़े थे। यहां भी लगभग 52 लोगों का ही आधार कार्ड बन सका। इसके बाद लोगों को दूसरे दिन आने के लिए कहा गया। इस पर लाइन में लगे ज्यादातर लोगों को वहां से मायूस होकर लौटना पड़ा।
रोकी जाए अवैध उगाही
केदारनगर से आए शिवबहादुर ने कहा कि वह सुबह साढ़े तीन बजे ही बैंक ऑफ बड़ौदा के सामने लाइन में लग गए। उन्हें अपने दो बच्चों का आधार कार्ड बनवाना है। आरोप लगाते हुए कहा कि आधार कार्ड बनवाने के लिए 150 रुपये की मांग की जाती है। जिनकी अंदर तक पहुंच होती है और जो रुपये दे देता है उसका आधार कार्ड पहले ही बन जाता है। कहा कि जिम्मेदारों को चाहिए कि इस प्रकार की मनमानी को रोका जाए।
रोकी जाए कर्मचारियों की मनमानी
गोशाईगंज से आए पंकज ने कहा कि वह चार बजे से लाइन में लगे हैं। आधार कार्ड में संशोधन कराने के लिए बीते एक सप्ताह से चक्कर लगा रहे हैं। आज एक बार फिर से इस उम्मीद में लाइन में लगे हैं कि शायद उनका आधार कार्ड बन जाए। उन्होंने भी कर्मचारियों पर आधार कार्ड बनाने में मनमानी का आरोप लगाया। कहा कि आधार कार्ड बनवाने के लिए अवैध वसूली धड़ल्ले से की जा रही है।
शिकायतों का लेंगे संज्ञान
आधार कार्ड बनाने में अब तक तो कोई शिकायत नहीं मिली है। आगे यदि शिकायत मिली तो उसका संज्ञान लेकर जवाब तलब होगा। किसी भी व्यक्ति को आधार कार्ड बनवाने या संशोधन कराने में मुश्किल हो तो अधिकारियों को बताया जाए। -डॉ सदानंद गुप्त, एडीएम