अंबेडकरनगर के खजुरी बाजार स्थित चाय की दुकान पर चुनावी चर्चा करते लोग -संवाद
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अंबेडकरनगर। विधानसभा चुनाव के मद्देनजर शुक्रवार को नामांकन प्रक्रिया समाप्त हो गई। इसके साथ ही प्रत्याशियों ने अपनी जीत सुनिश्चित करने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगाना प्रारंभ कर दिया है। इन सबके बीच सभी प्रत्याशियों के दावों व वादों को शांतिपूर्ण ढंग से सुनने के साथ ही जनप्रतिनिधि कैसा होना चाहिए, इसे लेकर चर्चाओं का बाजार भी गर्म हो गया है। सभी अपने अपने तरीके से जनप्रतिनिधि को परिभाषित करने में जुटा हुआ है। कोई अनुभवी जनप्रतिनिधि होने की बात कर रहा, तो कोई ईमानदार व स्वच्छ छवि वाले जनप्रतिनिधि की वकालत कर रहा है। शुक्रवार को खजुरी गांव के बाहर स्थित एक चाय की दुकान पर चुनावी चर्चा में लोग अपने-अपने तरीके से परिभाषित करते मिले।
अमर उजाला टीम वहां कुछ देर के लिए रुक गई। चाय की चुस्कियां लेते हुए अरविंद व कृष्णानंद ने कहा कि मेरा मानना है कि जनप्रतिनिधि साफ सुथरी छवि वाला होना चाहिए। उस पर किसी प्रकार का आपराधिक मुकदमा नहीं होना चाहिए। ईमानदार व कर्तव्य के प्रति कर्मठ होना चाहिए। ऐसा जनप्रतिनिधि होने से ही क्षेत्र व देश का विकास तेजी के साथ होगा। हमने तय किया है कि उसी प्रत्याशी को अपना महत्वपूर्ण वोट देंगे, जो अपने कर्तव्य के प्रति ईमानदार होगा। रामकिशुन व ज्ञानचंद ने कहा कि चुनाव के दौरान सत्ता तक पहुंचने के लिए राजनीतिक दल एक दूसरे को पीछे करते हुए बढ़ चढ़कर वादे व दावे करते हैं। चुनाव समाप्त होता है और सत्ता मिलती है, तो किए गए वादों को भुला दिया जाता है। ऐसा नहीं होना चाहिए।
कृष्णकुमार व सुनील ने कहा कि जनप्रतिनिधि अनुभवी होना चाहिए। यदि वह अनुभवी होगा, तो क्षेत्र का विकास भी चहुंओर करेगा। उसे क्षेत्र व क्षेत्र की जनता के बारे में समुचित जानकारी हो सकेगी। सुनील व राजेश ने कहा कि हमने तय किया है कि हम उसी प्रत्याशी को वोट देंगे, जो युवा होगा और युवाओं के हक की बात करेगा। सदन में युवाओं की आवाज पूरी मजबूती के साथ बुलंद करने की हिम्मत रखता होगा।