जाम की समस्या जिला मुख्यालय पर दिनोंदिन विकराल रूप लेती जा रही है। गुरुवार को भीषण जाम के चलते पूरे दिन वाहन रेंगकर चले। घंटों जाम में फंसे लोग जिम्मेदार अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों को कोसते रहे।
उनका कहना था कि दिनोंदिन बढ़ती जाम की समस्या दूर करने के लिए न तो कोई ठोस कार्ययोजना तैयार की जा रही है और न ही पूर्व में तय की गई कार्ययोजना का समुचित तरीके से क्रियान्वयन किया जा रहा है। इसके चलते ही जाम की समस्या बढ़ रही है। गुरुवार का दिन जिला मुख्यालय पर जाम के नाम रहा। लगभग सभी प्रमुख मार्गों पर पूरे दिन भीषण जाम के चलते यातायात थम सा गया।
वाहन रेंगकर चलने को मजबूर हो गए। यातायात सुचारु करने के लिए यातायात पुलिसकर्मियों के साथ ही सिविल पुलिसकर्मी भागदौड़ करते रहे, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। दोपहर में जाम के चलते पुराने तहसील तिराहा से लेकर फायर ब्रिगेड तक लगभग डेढ़ किमी तक वाहनों की लंबी लाइन लग गई। चौपहिया वाहनों की बात दूर, दोपहिया वाहनों का निकलना भी दूभर हो गया था।
लगभग एक घंटे बाद जाम समाप्त हुआ, तो कुछ ही देर बाद फिर जाम लग गया। कुछ इसी प्रकार की स्थिति नई सड़क, शहजादपुर चौक, सब्जी मंडी व बस स्टेशन क्षेत्र का भी रही। पूरे दिन जाम का संकट नगर में बना रहा। जाम में फंसे लोग कभी जिम्मेदार अधिकारियों को कोसते, तो कभी जनप्रतिनिधियों को।
गौरतलब है कि बीते दिनों ही प्रशासन ने गणमान्य लोगों के साथ बैठक कर न सिर्फ नो इंट्री के समय में वृद्धि कर दी थी, बल्कि पटरियों से अस्थाई अतिक्रमण हटवाने का भी निर्णय लिया था। इससे लोगों को जाम की समस्या से राहत मिलने की उम्मीद थी, लेकिन इन निर्णयों का समुचित क्रियान्वयन तय नहीं कराया जा सका। इसके चलते ही ये समस्या दूर नहीं हो पा रही है।
जिला मुख्यालय पर जाम के संकट से निजात दिलाने के लिए प्रशासन ने यूं तो अतिक्रमण हटवाने को अभियान चलाया था, मगर वह सिर्फ फर्ज अदायगी तक ही सीमित रह गया। दो दिन पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों ने कुछ जगहों पर कुछ ठेले व गुमटियों को हटवाया, लेकिन इसके बाद मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया। नतीजतन शहर में जाम की समस्या लगातार बढ़ रही है।
लोगों का कहना है कि प्रशासन यदि अतिक्रमण हटवाने को लेकर ही गंभीर हो जाए, तो भी जाम की समस्या काफी हद तक दूर हो सकती है। एएसपी राहुलराज का कहना है कि, जिला मुख्यालय पर जाम की समस्या जानकारी में है। इसे लेकर आवश्यक प्रयास किए जा रहे हैं। बीते दिनों बैठक में जो निर्णय लिए गए थे, उनका अनुपालन सुनिश्चित कराया जा रहा है। पुलिसकर्मियों की संख्या भी बढ़ाई जा रही है।