अंबेडकरनगर। चिकित्सा प्रतिपूर्ति बिलों के भुगतान की ऑनलाइन व्यवस्था लागू होने से सेवानिवृत्त कर्मचारियों और पेंशनरों में नाराजगी है। शासन ने 30 सितंबर से ऑफलाइन व्यवस्था बंद कर दी है। अब सभी बिल विभागीय पोर्टल के माध्यम से ही स्वीकार किए जाएंगे। इसके विरोध में सेवानिवृत्त कर्मचारी एवं पेंशनर्स एसोसिएशन दो नवंबर को प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपेगा।
शासन ने चिकित्सा प्रतिपूर्ति बिलों के लिए janhit.dgmphup.in पोर्टल शुरू किया है। पहले हर महीने करीब 300 बिल स्वीकृति के लिए स्वास्थ्य विभाग पहुंचते थे। नई व्यवस्था से बिलों के निस्तारण में तेजी और पारदर्शिता आने की उम्मीद है।
एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष सूर्यभान सिंह ने कहा कि 70 से 90 वर्ष तक के बुजुर्गों के लिए ऑनलाइन प्रक्रिया परेशानी का कारण बन सकती है। सरकार को पेंशनरों की उम्र और समस्याओं को ध्यान में रखते हुए सरल व्यवस्था करनी चाहिए। उन्होंने बताया कि प्रांतीय नेतृत्व के आह्वान पर दो नवंबर को सुबह 11 बजे डॉ. आंबेडकर प्रतिमा स्थल पर प्रदर्शन किया जाएगा। इसके बाद जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर समस्याओं के समाधान की मांग की जाएगी।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रमोद कुमार ने कहा कि ऑनलाइन व्यवस्था से पारदर्शिता बढ़ेगी और कामकाज आसान होगा। इससे बिलों के निस्तारण की प्रक्रिया व्यवस्थित होने के साथ अनावश्यक भागदौड़ भी कम होगी।