अंबेडकरनगर। जिला अस्पताल आने वाले मरीजों के लिए राहत की खबर है। यहां कुल पांच पर्चा काउंटर बनकर तैयार हो गए हैं। अब तक सिर्फ दो काउंटरों से ही पर्चे बनने की सुविधा थी। मैन पावर की कमी से अभी भी दो ही काउंटर से पर्चे बन रहे हैं, लेकिन जल्द ही तीन अन्य काउंटरों से भी पर्चे बनने लगेंगे। इसके साथ ही काउंटरों से कंप्यूटराइज्ड पर्चे बनाने की भी तैयारी प्रगति पर है।
प्रदेश के उपमुख्यमंत्री व स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक की सक्रियता व दिशा-निर्देशों के चलते जिले के अस्पतालों में भी सुधार की दिशा तय होने लगी है। इसी क्रम में बीते दिनों जिला अस्पताल प्रशासन ने तय किया कि पर्चा काउंटरों की संख्या बढ़ायी जायेगी। दरअसल यहां प्रतिदिन आठ सौ से अधिक मरीजों के पहुंचने का औसत है। इसके बावजूद यहां सिर्फ दो काउंटरों पर ही पर्चा बन रहा था। ऐसे में तय हुआ कि तीन अन्य काउंटर बढ़ा दिये जाएं। इसके साथ ही जरूरी प्रक्रिया शुरू कर दी गयी। पर्चा कक्ष में जरूरी बदलाव के लिए मरीजों के पर्चे बनाने का कार्य एमसीएच विंग में शिफ्ट कर दिया गया।
अब अस्पताल प्रशासन ने मुख्य भवन में पांच पर्चा काउंटर बनाकर तैयार दिए हैं। यहां पर फिर से दो काउंटरों पर मरीजों के पर्चे बनने लगे हैं। तैयारी यह है कि स्टाफ का प्रबंध कर सभी पांच काउंटरों पर मरीजों के पर्चे बनाये जाने लगें। इसके लिए मुख्यालय को स्टाफ की जरूरत पूरी करने के लिए पत्र भेज दिया गया है। माना जा रहा है कि इस पर जल्द ही संविदा के आधार पर तैनाती हो जाएगी। इसके बाद पर्चा बनवाने के लिए मरीजों व तीमारदारों को घंटों लाइन में लगने की झंझट से फुर्सत मिल सकेगी। काउंटर बढ़ने से मरीजों का फायदा यह होगा कि दिव्यांग व बुजुर्गों के लिए अलग से लाइन लगायी जा सकेगी। पुरुषों के लिए अभी एक काउंटर चल रहा है। तब दो काउंटर हो जाने से मरीजों को पर्चा जल्दी हासिल हो सकेगा।
कंप्यूटराइज्ड पर्चा करने की प्रक्रिया तेज
मरीजों का पर्चा कंप्यूटराइज्ड बनाये जाने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। अभी यहां मैनुअली ही पर्चा बनाया जाता है। सभी पांच काउंटर पर कंप्यूटराइज्ड पर्चे बनाए जाएं, इसके प्रबंध किये जा रहे हैं। एक निजी दूरसंचार कंपनी का नेटवर्क हासिल कर लिया गया है। बीएसएनएल की लीज लाइन भी यहां उपलब्ध हो जायेगी। स्वास्थ्य विभाग की तैयारी यह है कि कंप्यूटराइज्ड पर्चा बनाने से जरूरी डाटा आसानी से एकत्र हो सकेगा। अभी मैनुअली पर्चा बनाये जाने से समय भी ज्यादा लगता है। यही काम कंप्यूटर से करने पर समय की बचत होगी। इससे मरीजों व तीमारदारों की सुविधा बढ़ेगी।
बढ़ाई जा रहीं सुविधाएं
पांच काउंटर बनकर तैयार हो गए हैैं। कंप्यूटराइज्ड पर्चे बनाये जाने के लिए भी तेजी से तैयारी की जा रही है। मैन पावर की मांग की गयी है। निर्देश प्राप्त होते ही उसे अमल में लाया जायेगा। मरीजों के लिए लगातार सुविधा बढ़ायी जा रही है।
डॉ. ओमप्रकाश, सीएमएस