अकबरपुर में एक साल पहले दर्ज हुए धर्म परिवर्तन के मामले में गिरफ्तार किए गए आरोपी। स्रोत पुलिस
अंबेडकरनगर/बसखारी। अकबरपुर इलाके में करीब एक साल पूर्व रतनपुर स्थित बिलीवर्स चर्च में धर्म परिवर्तन के चर्चित मामले में अकबरपुर और बसखारी पुलिस की संयुक्त टीम ने एक वर्ष से फरार चल रहे कथित पादरी नेबूलाल और उसके पुत्र अंजीत कुमार को रविवार को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों पर गरीब लोगों को कथित तौर पर प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित करने का आरोप है। पुलिस ने दोनों को न्यायालय में पेश किया जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
अकबरपुर के रतनपुर स्थित बिलीवर्स चर्च इंडिया में 20 जुलाई 2025 को 200 से अधिक महिलाओं और पुरुषों को इलाज के लिए बुलाकर उनसे प्रभु यीशु की प्रार्थना करवाई जा रही थी। विश्व हिंदू परिषद के अरविंद पांडेय ने इसकी शिकायत पुलिस से की थी। यहां का पादरी सनातन देवी देवताओं पर कोई आस्था न रखने के लिए लोगों को गुमराह कर रहा था। मौके पर पहुंची पुलिस को कमरे में बड़ी संख्या में महिला-पुरुष और बच्चे प्रभु यीशू की प्रार्थना में लीन मिले थे।
मामले में पहले चर्च के पादरी प्रमोद कुमार को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका था। जांच के दौरान नेबूलाल और उसके पुत्र अंजीत कुमार की भी संलिप्तता सामने आने पर दोनों की तलाश की जा रही थी। रविवार को इंस्पेक्टर अकबरपुर संतोष कुमार सिंह, एएचटीयू प्रभारी अवधेश श्रीवास्तव, बसखारी थाने के उपनिरीक्षक रिंकू सरोज ने पटना मुबारकपुर गांव स्थित उनके आवास पर दबिश देकर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान पुलिस ने घर से बड़ी मात्रा में धार्मिक साहित्य, सदस्यता रजिस्टर, उपस्थिति रजिस्टर, बही-खाते तथा अन्य दस्तावेज बरामद किए हैं जिन्हें जांच के लिए कब्जे में लिया गया है।
सीओ सिटी नितीश कुमार तिवारी ने बताया कि विवेचना में जुटाए गए साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर दोनों की भूमिका सामने आई है। पूछताछ के दौरान दोनों से मामले में विस्तृत जानकारी ली गई। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है तथा बरामद दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों की जांच आगे भी जारी है।