अंबेडकरनगर। बसों की कमी का खामियाजा गंतव्य तक जाने के लिए यात्रियों को भुगतना पड़ रहा है। अकबरपुर बस स्टेशन के बेड़े में 56 बसों की तुलना में 34 बसों के विधानसभा चुनाव में चले जाने से मौजूदा समय में मात्र 22 बसें ही शेष हैं। नतीजा यह है कि बसें कम होने से मंगलवार को गंतव्य तक जाने के लिए यात्रियों को इधर-उधर भटकना पड़ा। नाराजगी व्यक्त करते हुए यात्रियों ने कहा कि एक तो पहले से ही अकबरपुर बस स्टेशन में बसों की कमी है, उस पर एक साथ 34 बसों के विधानसभा चुनाव में चले जाने से बसों की संख्या में और कमी हो गई है। यात्रियों के हित को देखते हुए जिम्मेदारों को वैकल्पिक व्यवस्था करनी चाहिए थी।
शुरुआती चार चरणों में होने वाले विधानसभा चुनाव को सकुशल निपटाने के लिए बीते दिनों ही 24 बसें जिले से सुरक्षाकर्मियों को लेकर गाजियाबाद, हरदोई, कासगंज समेत कई अन्य जनपदों की तरफ रवाना हो गई थीं। 10 बसें पूर्व से ही जिले में पहुंचे अर्धसैनिक बल के साथ लगी हुई हैं। ऐसे में मौजूदा समय में मात्र 22 बसें ही अकबरपुर बस स्टेशन में शेष रह गई हैं। बस स्टेशन प्रशासन के अनुसार 15 फरवरी को तीन और बसें विधानसभा चुनाव में चली जाएंगी। ऐसे में मात्र 19 बसें ही शेष रह जाएंगी।
इस बीच मौजूदा समय में 22 बसें होने से गंतव्य तक जाने के लिए यात्रियों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। मंगलवार को भी यात्री गंतव्य तक जाने के लिए अकबरपुर नगर में इधर-उधर भटकते रहे। ज्यादातर यात्री टैक्सी से गंतव्य तक जाने को मजबूर हुए। इस बीच परिवहन निगम की बसों में कमी होने का सीधा लाभ टैक्सी संचालक उठा रहे हैं।
यात्रियों ने जताई नाराजगी
पुराने तहसील तिराहे के निकट लखनऊ जाने के लिए खड़े सलमान व अभिषेक ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि वे लगभग दो घंटे से बस का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन अब तक बस नहीं आ सकी है। एक दो निजी बसें आईं, लेकिन वह पहले से ही यात्रियों से भरी हुई थीं। फव्वारा तिराहे के निकट परिवारीजनों के साथ बस का इंतजार कर रहे सौरभ ने कहा कि जिम्मेदारों की अदूरदर्शिता का ही नतीजा है कि इसका खामियाजा यात्रियों को भुगतना पड़ रहा है। यात्रियों के हित को देखते हुए जिम्मेदारों को वैकल्पिक व्यवस्था करनी चाहिए थी।
चुनाव में लगीं 34 बसें
प्रथम चार चरण में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए जिले से 24 बसें सुरक्षाकर्मियों को लेकर दूसरे जनपद के लिए रवाना हुई थीं, जबकि 10 बसें अर्धसैनिक बल के साथ लगी हुई हैं। ऐसे में मौजूदा समय में 22 बसें हैं। इनमें से तीन बसें 15 फरवरी को विधानसभा चुनाव में लगेंगी। ऐसे में 19 बसें ही रह जाएंगी।
-एसएन चौधरी, एआरएम