अंबेडकरनगर। यूपी बोर्ड की हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन कार्य को निपटाने के लिए केवल छह दिन बचे हैं, लेकिन कॉपियां छह लाख से ज्यादा जांचनी है। ऐसे में सभी उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन सही ढंग से पूरा हो पाएगा, इसको लेकर विभागीय लोग सवाल खड़े कर रहे हैं।
यह हाल तब है, जब काफी संख्या में परीक्षक कॉपियां जांचने नहीं आ रहे हैं। उधर गुरुवार को एक तरफ जहां 355 परीक्षक अनुपस्थित रहे, वहीं कुल 64 हजार 507 कापियों का मूल्यांकन हुआ।
बीती 30 मार्च से हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन अव्यवस्थाओं के बीच जिले के तीन केंद्रों बीएन इंटर कॉलेज अकबरपुर, जनता इंटर कॉलेज फत्तेपुर बड़ागांव जलालपुर व सरदार पटेल स्मारक इंटर कॉलेज लारपुर में शुरू हुआ था। 13 अप्रैल तक चलने वाले मूल्यांकन कार्य में कुल सात लाख 98 हजार 68 कापियों का मूल्यांकन होना है। इसके लिए कुल दो हजार 107 परीक्षक लगाए गए हैं।
मूल्यांकन को लेकर शुरुआती दौर से ही परीक्षकों की मनमानी सामने आने लगी थी। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि मूल्यांकन कार्य प्रारंभ हुए नौ दिन हो चुके हैं, लेकिन किसी भी दिन सभी परीक्षक मूल्यांकन करने संबंधित केंद्रों पर नहीं पहुंचेे।
गुरुवार को भी कुल 355 परीक्षक अनुपस्थित रहे। इनमें बीएन इंटर कॉलेज में 90, जनता इंटर कॉलेज में 100 व सरदार पटेल इंटर कॉलेज में 165 परीक्षक शामिल हैं। परीक्षकों की मनमानी का ही नतीजा है कि अब तक कुल चार लाख 88 हजार 376 कापियों का ही मूल्यांकन हो सका है, जबकि तीन लाख नौ हजार 692 उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन का कार्य शेष रहा गया है।
अब जबकि मूल्यांकन कार्य समाप्त होने में केवल छह दिन का समय ही शेष रह गया है, तो ऐसे में बची उत्तर पुस्तिकाओं का सही ढंग से समय पर मूल्यांकन हो सकेगा। उधर डीआईओएस डॉ. आरपी वर्मा ने बताया कि उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन सही ढंग से चल रहा है। कहीं से किसी प्रकार की शिकायत सामने नहीं आ रही है। निर्धारित समय सीमा में सभी उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कार्य पूरा कर लिया जाएगा।