एसडीएम को ज्ञापन सौंपते भीटी बार एसोसिएशन के पदाधिकारी।
भीटी (अंबेडकरनगर)। तहसील भीटी में कार्यरत वकीलों ने राजस्व न्यायालयों में हो रही मनमानी कार्रवाइयों, शासन के दबाव में पारित निर्णयों पर आपत्ति जताई। शुक्रवार को मांगों के समर्थन में एसडीएम नीरज गौतम को ज्ञापन सौंपा।
एसोसिएशन के अअध्यक्ष श्याम भवन पांडेय ने आरोप लगाया कि राजस्व न्यायालयों में कई मामलों में प्रक्रियागत न्याय का पालन नहीं हो रहा है और पूर्वाग्रह से प्रभावित आदेश पारित किए जा रहे हैं। इससे न्यायिक प्रक्रिया की विश्वसनीयता प्रभावित हो रही है और वादकारियों को संतोषजनक न्याय नहीं मिल पा रहा है। बार एसोसिएशन भीटी ने यह भी उल्लेख किया कि वाराणसी के पिंडरा तहसील में ती जून को वकीलों की महापंचायत आयोजित हुई, जिसमें प्रदेशभर के वकीलों ने न्यायालयों में पारदर्शिता और निष्पक्षता की मांग उठाई थी।
एसोसिएशन ने इस पहल का स्वागत करते हुए पूर्ण समर्थन प्रदान किया है। संगठन ने राज्यपाल से मांग की है कि राजस्व न्यायालयों में हो रही अनियमितताओं को तत्काल संज्ञान में लेते हुए, अधिवक्ता सुरक्षा अधिनियम को प्रभावी रूप से लागू किया जाए। इस दौरान अनिल कुमार यादव, वरिष्ठ उपाध्यक्ष कृष्ण प्रताप ओझा आदि उपस्थित रहे। इसके अलावा अकबरपुर, टांडा व आलापुर तहसील क्षेत्रों के तमाम अधिवक्ता भी न्यायिक कार्य से विरत रहे।
कार्य से विरत रहे अधिवक्ता
जलालपुर। अधिवक्ताओं ने शुक्रवार को दूसरे दिन भी कार्य बहिष्कार किया। जलालपुर बार एसोसिएशन के मंत्री जगदीश चंद्र यादव ने बताया कि तहसील न्यायालय में व्याप्त भ्रष्टाचार व वादों का निस्तारण बगैर सुनवाई के नियत तिथि के पहले पत्रावली को निस्तारण किया जा रहा है। यही आलम पूरे उत्तर प्रदेश में व्याप्त है। इस मौके पर अध्यक्ष घनश्याम शर्मा, मंत्री जगदीश चंद्र यादव, ऑडिटर सुरेश कुमार उपाध्याय, व अन्य अधिवक्ता गण मौजूद रहे।